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महिला सांसद को अश्लील SMS भेजा, गिरफ्तार..

राजस्थान के झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की सांसद संतोष अहलावत को अश्लील एसएमएस भेजने वाले आरोपी को तुगलक रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान भरतलाल मीणा के रूप में हुई। वह रामपुरा, अलवर (राजस्थान) का रहने वाला है.sms

पुलिस ने उसे सोमवार को आरोपी भरतलाल मीणा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस को अपने दिए बयान में आरोपी ने जो सफाई दी है, उससे पुलिस संतुष्ट नहीं है। आरोपी का कहना है कि वह अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर समझकर सांसद के मोबाइल नंबर पर आपत्तिजनक संदेश भेजता रहता था। उसने बताया कि किसी बात पर कहासुनी होने पर उसकी पत्नी कुछ साल पहले उसे छोड़कर मायके चली गई। तब से वह परेशान रहने लगा था। पत्नी को सबक सिखाने व बदला लेने के उद्देश्य से ही उसने महिला सांसद के मोबाइल नंबर को पत्नी का नंबर समझकर उसपर अश्लील एसएमएस भेजना शुरू कर दिया था।

उसने बताया कि यह नंबर किसी परिचित के माध्यम से मिला था। पहले तो उसने आवाज परखने के लिए उक्त नंबर पर फोन किया था। जब महिला की आवाज आई तब उसने पत्नी की आवाज समझकर तुरंत ही फोन काट दिया था। इसके बाद उसने उक्त नंबर पर अश्लील एसएमएस भेजना शुरू कर दिया था। जिसके बाद महिला ने पुलिस को मामले की सूचना दी।

ज्ञात हो कि संतोष अहलावत की तुगलक रोड इलाके में सरकारी कोठी है। एक सप्ताह पूर्व जब वह दिल्ली में थीं, तभी किसी ने उनके मोबाइल पर अश्लील एसएमएस भेजकर परेशान करना शुरू कर दिया। जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही तुगलक रोड थाने में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मोबाइल नंबर के बारे में पता लगाया और आरोपी को राजस्थान जाकर गिरफ्तार कर लिया।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.