/कटरा जाने वाली ट्रेन इंजन खराब होने के कारण सुरंग में फंसी..

कटरा जाने वाली ट्रेन इंजन खराब होने के कारण सुरंग में फंसी..

माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा के लिए सीधे जाने वाली नई ट्रेन कटरा रेलवे स्टेशन के पास इंजन खराब होने के कारण एक सुरंग में फंस गई।Jammu-to-katra-train-service

नई दिल्ली से कटरा के लिए जाने वाली पूर्ण रूप से वातानुकूलित सुपरफास्ट ट्रेन श्री शक्ति एक्सप्रेस दूसरी बार इस मार्ग पर चल रही थी, लेकिन स्टेशन से पांच किलोमीटर पहले ही यह घटना हो गई।

एक दिन पहले ही ट्रेन को नई दिल्ली से शुरू किया गया था।

फिरोजपुर मंडल के रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) एनसी गोयल ने बताया कि ट्रेन कटरा सुबह 7 बजे पहुंची। हालांकि इसके वहां पहुंचने का समय सुबह 5.10 बजे था। फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत ही जम्मू कश्मीर का रेल नेटवर्क आता है।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली से कटरा जाने वाली श्री शक्ति एक्सप्रेस अपने गंतव्य स्थान कटरा पहुंचने से पांच किलोमीटर पहले ही सुरंग में फंस गई, क्योंकि सुरंग में ट्रेन का इंजन खराब हो गया था। ट्रेन एक घंटे तक सुरंग में फंसी रही।

नया स्टेशन होने के कारण कटरा रेलवे स्टेशन पर उधमपुर से इंजन लाया गया। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां से ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया था। फिरोजपुर मंडल के डीआरएम गोयल ने बताया कि ट्रेन के परिचालन में हुई देरी के कारणों और इंजन खराब होने के बारे में सूचनाओं का वह इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन तय समय से 100 मिनट की देरी से गंतव्य स्थान तक पहुंच गई।

ट्रेन करीब 35 मिनट की देरी से चली थी और कटरा रेलवे स्टेशन से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुरंग में इंजन खराब होने के कारण करीब एक घंटे का समय बर्बाद हुआ।

उन्होंने बताया, रेलवे लाइन या सुरंग में कोई समस्या नहीं है। यात्रा आगे जारी रखने के लिए अन्य इंजन को भेज दिया गया था।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.