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उत्तराखंड में भारी बारिश, गंगोत्री में फंसे बाबा रामदेव

By   /  July 16, 2014  /  No Comments

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NEWS-heavy-rain-in-uttarakhand-badrinath-kedarnath-piligrim-halted-1-11032-6707-rain-74भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। भूस्खलन से विभिन्न जगहों पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, गंगोत्री में बाबा रामदेव भी फंस गए हैं उनके साथ करीब चार सौ बच्चे भी हैं। उत्तराखंड सरकार ने तत्काल प्रभाव से गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा पर रोक लगाते हुए लोगों को चेतावनी दी गई है कि वो गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा पर फिलहाल ना जाएं और जो लोग गए हैं, वो वापस लौट आएं। जो लोग लौटने में असमर्थ हैं, वो आसपास ही कहीं सुरक्षित ठिकाना तलाश लें और रास्ते में न रहें।

उत्तरकाशी जिले में मंगलवार देर रात से भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन के कारण गंगोत्री हाईवे नालूपाणी, बड़ेथी, नेताला, नलूणा व बिशनपुर में बाधित है। यमुनोत्री हाईवे फेड़ी के नजदीक भूस्खलन से बंद है। दोनों हाईवे बंद होने से सैकड़ों यात्री, कांवड़िए व स्थानीय लोग विभिन्न जगहों पर फंसे हुए हैं। यमुना नदी में उफान से खरादी में टूरिस्ट टैंट बह गए हैं। असी गंगा में जेसीबी बह गई है।

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग में रोक दिया गया। केदारनाथ, लिनचोली, गौरीकुंड में भी यात्रियों को आने-जाने पर रोक है। केदारनाथ व अन्य यात्रा पड़ाव पर करीब दो यात्री मौजूद हैं। सोनप्रयाग में मोटर पुल का एक हिस्सा धंस गया है। बारिश से बद्रीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में बंद है। गौरीकुंड हाईवे विजयनगर व फाटा में बंद है। इस बीच, केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली के नजदीक मलबा आ गया। मलबा हटाने का कार्य जारी है। कालीमठ को जोड़ने वाला अस्थाई पुल बह गया है। डीएम ने जिले में 16 से 18 तक सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।

चमोली जिले में भारी बारिश से बदरीनाथ हाइवे लामबगड़ व पागलनाला में बंद है। हाइवे खोलने के लिए बीआरओ बारिश बंद होने का इंतजार कर रहा है।

(जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट )

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  • Published: 3 years ago on July 16, 2014
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  • Last Modified: July 16, 2014 @ 4:55 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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