/सोने की घडी बेचने वाले ठग दिल्ली पर छाये..

सोने की घडी बेचने वाले ठग दिल्ली पर छाये..

दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के इर्द गिर्द ठगों और जालसाजों के गिरोह सक्रिय हो चुके हैं. दिल्ली के नयी दिल्ली स्टेशन के अजमेरी गेट के SONY DSCहिस्से में, हज़रत निजामुद्दीन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के आस पास ठगों और जालसाजों के गिरोह सक्रिय हो चुके हैं जो बातों में बहला फुसला कर लोगों को बीच जाते और ठगी को अंजाम देते हैं.

खबर है कि ये ठग लोगों को सोने की घडियां सस्ते दामों पर खरीदने का प्रलोभन देते हैं और उन्हें अच्छी खासी कीमत पर ख़राब और नकली घड़ियाँ बेच देते हैं. इन गिरोहों में ज़्यादातर कम पढ़े लिखे और कम उम्र के युवा हैं जो आपके शौक पूरे करने और ऊंची लाइफ स्टाइल की लालच में कुछ भी करने को तैयार हैं. ऐसी ही एक शिकायत का पत्र हमारे हाथ लगा जिसमें प्रार्थी ने पुलिस आयुक्त से इन ठगों का विवरण दे कर इन्हें गिरफ्तार करने और ठगी को बंद करवाने का निवेदन किया है.
tn_1899_sodelhi-ajmeri-gate09-1354176029प्रार्थी राकेश गुप्ता से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वो पुलिस के साथ मिल कर 2008-09  में ऐसे अभियान पहले भी  चला चुके हैं और इस इलाके को ठगों से पूरी तरह से मुक्त करवाने में सफलता पायी थी. लेकिन अब जब ठगों ने फिर से सर उठाना शुरू कर दिया है तो इन्हें फिर से ऐसी कार्यवाही के लिए पत्र लिखना पड़ा.

राकेश गुप्ता के अनुसार पूरी दिल्ली में लगभग आठ से दस गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ दो की ठोस जानकारी मिली जिसे उन्होंने पुलिस आयुक्त के साथ साझा करना ज़रूरी समझा. एक समाज सेवी संगठन चलाने वाले गुप्ता ने बताया कि ये गिरोह भोले भाले कम उम्र नौजवानों को झांसे में फंसा कर अपने साथ मिला लेते हैं और चंद रुपयों के लालच में उनसे ठगी करवाते हैं.

ये है राकेश गुप्ता द्वारा पुलिस आयुक्त को लिखे गए पत्र की कथावस्तु :

 

प्रतिष्ठा मे,
श्री मान,
पुलिस आयुक्त महोदय जी,
पुलिस भवन दिल्ली, दिल्लीपुलिस मुख्यालय।
आई टी ओ नई दिल्ली-110002
विषय:- सोने की घड़ियों के नाम पर जनता से हो रही है सरे आम लूट.
श्री मान जी दिल्ली के तमाम भीङ भाड़ वाले बाजारो और  ATM के आसपास कुछ ठग सक्रिय हैं, ये लोग आम आदमी को सोने कि घड़ियों का लालच क़ुछ इस प्रकार से देते हैं कि अच्छे पढे लिखे आदमी हीं नहीँ फ़ौज़ी ओर पुलिस अफसर तक इनके झांसे मे आ जाते हैं. मैने आज से कुछ साल पूर्व जब जसपाल सिंह जी DCP सेंट्रल दिल्ली होते थे तब उनके साथ मिलकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट क्षेत्र में  रेड डलवाई थी. उसके बाद काफी समय तक ये ठगी बन्द रही, मगर अब फ़िर से ये लोग इस ठगी को अंजाम दे रहे हैं. पहले इनको पकड़ना बेहद आसान था क्योंकि ये एक जगह पर ये ठगी करते थे मगर अब इन्हे पकड़ना थोड़ा मुश्किल हो गया है क्योंकि अब ये एक वेगन आर ओर एक आल्टों कार मे सवार हो कर दिल्ली के अलग अलग क्षेत्रों मे घूम घूम कर ठगी कर रहे हैं. मगर क्या दिल्ली पुलिस इन ठगों को रोंकने का कोइ प्रयास नही करेंगी? मै आपको इन दो गाड़ीयों के नंबर ओर उन सभी के मोबाईल नंबर उप्लब्ध करा रहा हूँ. उम्मीद है आप इस लूट को रोकने के कारगर प्रयास कर सकते हैं,
ये लोग निचले स्तर पर पुलिस को कुछ लालच देकर कार्य करते हैं जिसके कारण इनके द्वारा ठगे गये लोगों की कोई F.I.R, दर्ज नही होती है
इस समय जो लोग इस काम को यहाँ अंजाम दे रहे हैं उनके नाम व मोबाईल नम्बर में आपको उपलब्ध कर रहा हूँ
1. सरगना नवीन 8860146764, 9582876987 (UP)NO. 07408666588 व् विनोद 9899643735, पाठक 9899526899, सूरज 7838268007 व अनिल9560126171, गाड़ी नंबर DL-2C-AG-7395

2. दुसरे ग्रुप का सरगना अनूप लाल मोबाईल नंबर 9911687219 ओर बङा नवीन मोबाईल नंबर 8377941217 गाड़ी नंबर DL-8C-H-5575 है.

आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि आप समय रह्ते इन ठगो पर कर्यवाही करें  जिससे आम आदमी इनका शिकार होने से बच सके
सादर
राकेश गुप्ता
Founder Gen.Sec.
Sanghrash Jan Kalyan Samiti (NGO) Delhi
09990728101, 09871325967

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.