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कांग्रेस के छः विधायक लापता, राजनाथ बोले नहीं होगी “हॉर्स ट्रेडिंग”..

By   /  July 17, 2014  /  No Comments

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एक तरफ जहां राजनाथ सिंह ने दिल्ली में खरीद फरोख्त के भरोसे सरकार बनाने की किसी भी सम्भावना से इनकार किया है वहीँ कांग्रेस के छः विधायक अप्रत्याशित रूप से “अंडरग्राउंड” हो गए हैं.lovely

दिल्ली में सरकार बनाने की संभावनाओं से सम्बंधित ख़बरों के बीच आज राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा अगर सरकार बनाएगी तो कम से कम खरीद फरोख्त के भरोसे नहीं बनाएगी. और ज्यादा जानकारी के लिए अध्यक्ष अमित शाह से संपर्क किया जाये. हालाँकि वे सरकार बनाने के लिए उपराज्यपाल की तरफ से न्योता मिलने की सम्भावना पर कुछ कहने से बचते रहे.

वही दूसरी तरफ, अटकलों को बल प्रदान करते हुए दिल्ली कांग्रेस के आठ में से छः विधायक अचानक और अप्रत्याशित रूप से लापता हो गए हैं और किसी के भी संपर्क में नहीं हैं. हारुन युसूफ, हसन अहमद, आसिफ मोहम्मद खान, चौधरी मतीन अहमद और अरविंदर सिंह लवली आदि लोग अचानक ही सतह से गायब हो गए हैं और सूत्रों के अनुसार मतीन अहमद के नेतृत्व में भाजपा के जगदीश मुखी के साथ बातचीत में हैं. उम्मीद की  जा रही है कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो जगदीश मुखी मुख्यमंत्री पद संभालेंगे. हालाँकि दोनों ही पार्टियों ने इस बात का खंडन किया है लेकिन प्राप्त ख़बरों की माने तो कांग्रेस के छः विधायक दल बदल विरोधी कानून से बचने के लिए एक साथ एनडीए के घटक दल शिरोमणि अकाली 03-arvind-kejriwal-harsh-vardhan-600दल में  शामिल हो सकते हैं.

इस बाबत अरविन्द केजरीवाल ने भी आरोप लगाया था कि यदि राज्यपाल भाजपा को न्योता देते हैं देते हैं तो क्या ये “हॉर्स ट्रेडिंग” को बढ़ावा देने जैसा नहीं होगा? केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि पार्टी प्रति विधायक 20 करोड़ तक देने को तैयार है और विधायकों की दल बदल को बढ़ावा दे रही है. खबर है की इसके जवाब में भाजपा ने कोर्ट के माध्यम से केजरीवाल को आज दोपहर एक मानहानि का नोटिस भेज कर जवाब तलब किया है.

कांग्रेस पार्टी की आज हुयी बैठक में ये सभी छः विधायक पार्टी की बैठक में मौजूद नहीं थे. इसके बाद शुरू हुयी खोजबीन में इन सभी ने मीडिया से बात करना भी उचित नहीं समझा और अपने संपर्क स्रोत गुप्त रखे हैं. गौरतलब है की केजरीवाल के इस्तीफे के बाद भाजपा जो की विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई थी, को उपराज्यपाल द्वारा न्योता भेजे जाने की अटकलें लग रही हैं लेकिन भाजपा के 31 में से तीन विधायक अब सांसद बन चुके हैं जिससे भाजपा की संख्या 28 तक सिमट गयी है. ऐसे में आवश्यक 36 के आंकड़े तक पहुँचने के लिए भाजपा द्वारा खरीद फरोख्त का सहारा लेने की भी खबरें सामने आई थीं.

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