कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

आरआईएल ने सीएनएन-आईबीएन को दिए आम आदमी पार्टी को कवर न करने के निर्देश..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

उद्योग दिग्गज रिलायंस द्वारा नेटवर्क 18 के अधिग्रहण को एक महीने से ज्यादा गया है. नेटवर्क 18 जो सीएनएन और सीएनबीसी के साथ मिल कर चैनलों का एक reliance267समूह चलाते हैं, जो कि देश के सबसे बड़े मीडिया समूहों में से एक हैं. इस अधिग्रहण के बाद सबकी जुबान पर एक ही सवाल था- क्या अथाह दौलत के मालिक मुकेश अम्बानी इस अधिग्रहण के बाद मालिकाना हक जताते हुए चैनल की कार्य व्यवस्था और दिखाए जाने वाली सामग्री के चयन को लेकर भी हस्तक्षेप करेंगे? तो जनाब जवाब है “हाँ, बिलकुल करेंगे!!”

अभी कुछ समय पूर्व ही चैनल के प्राम्भिक और नींव डालने वाले सदस्यों में शुमार राजदीप सरदेसाई ने इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद हुयी दो बैठकों में समूह के चैनलों सीएनएन और सीएनबीसी, आईबीएन 7 आदि से कई प्रबंधक एक साथ मौजूद थे. उस दिन तक यानि 7 जुलाई शाम 5.30 बजे तक सभी प्रबंधक और उच्च पदासीन कर्मचारी एक पूर्ण व्यवसयीं अधिग्रहण के बाद अपने चैनल की नयी नीतियां और दिशा के बारे में सुनने के लिए एकत्र हो चुके थे

जब सवाल जवाब के लिए मैदान खुला छोड़ दिया गया तो वहां मौजूद कुछ पत्रकारों ने हाथ ऊपर किये और जो सवाल सबसे पहले किया गया वो सीएनबीसी के पत्रकार की तरफ से था- अधिग्रहण के बाद उनसे रिलायंस जो कि मीडिया, ऊर्जा, केमिकल और वित्तीय उद्योग का बेहद वृहद् समूह है, को किस तरह “कवर” करने की अपेक्षा की जाती है. जवाब रिलायंस समूह के रोहित बंसल ने दिया और कहा कि ठीक वैसे ही “कवर” किया जाये जैसे पिछले मालिक राघव बहल के स्वामित्व के दौरान किया करते थे. अगला सवाल सीएनएन आईबीएन के प्रस्तोता और पत्रकार कर्मा पालजोर की तरफ से आया जिसमें उन्होंने सवाल किया कि चैनल की आम आदमी पार्टी जो कि एक जनांदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी लहर से उभरी है को लेकर किस तरह की नीति अपेक्षित है?

अब इन सवालों को समझने से पहले इनके साथ जुड़ी कथावस्तु को समझना बेहद ज़रूरी है. कुछ समय पूर्व, अपने मुख्यमंत्रित्व काल में केजरीवाल ने रिलायंस समूह और पेट्रोलियम मंत्रियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही शुरू की थी जिसके बाद केजरीवाल और अम्बानी के बीच में खटास आने की बातें आम थी. रिलायंस ने जवाब में उन सभी चैनलों पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था जिन्होंने केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस का प्रसारण किया था. अब जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं तो केजरीवाल का सुर्ख़ियों में आना तय है. इसलिए पत्रकार महोदय का सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है.  RelianceNetwork18

जवाब देते हुए बंसल ने तीन मुख्य बिंदु बताये :

  • सिर्फ इसलिए कि उसके हाथ में माइक थमा दिया गया है, प्रसारित सामग्री को लेकर प्रसारक की ज़िम्मेदारी ख़त्म नहीं हो जाती. ऐसा इंडियन टेलीग्राफ एक्ट कहता है.
  • 96% आप उम्मीदवारों ने अपनी ज़मानत गंवा दी है, ऐसे में कोई चैनल जनता के द्वारा नकारी गयी पार्टी को विशेष तवज्जो क्यों देगा.
  • अगर आपके चैनल के पास दिखाए जाने लायक पर्याप्त सामग्री नहीं भी है तो भी किसी प्रेस कांफ्रेंस को लूप में चला कर बेवजह फुटेज मत दीजिये.

एक जर्नलिस्ट ने बंसल के जवाब पर सवाल करते हुए कहा कि हमारे पॉलिटिशियन हमेशा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते रहते हैं. क्या ऐसे में किसी को भी कवर नहीं किया जायेगा? क्या इंडियन टेलीग्राफ एक्ट सिर्फ केजरीवाल के लिए लागू होता है?

अगर मई में अधिग्रहण के बाद समूह की कार्यवाही गौर से देखें तो पता चलता है कि समूह ने आआपा को किनारे कर रखा है. शायद इसीलिए केजरीवाल खबरों से बाहर हैं. दक्षिण मुंबई से चुनाव हारने वाली मीरा सान्याल जब एक बार सीएनएन आईबीएन के पैनल में आई तो सान्याल के परिचय में आम आदमी पार्टी के साथ किसी सम्बन्ध का ज़िक्र नहीं किया गया.

 

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: