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सबसे अधिक शिक्षित केरल में तंत्र मंत्र ने ली युवती की जान..

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26 साल की हसीना की मौत उस वक़्त हो गयी जब उसके शरीर ने उसके ऊपर हो रहे अमानवीय शोषण और प्रताड़ना भरे जादू टोने में मिलने वाली यातना सहने से इनकार कर दिया. हसीना केरल के करुनागपल्ली के एक छोटे से गाँव में रहती थी. पुलिस के अनुसार हसीना मानसिक रूप से बीमार थी और उसे सिर्फ एक अच्छे चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता थी. लेकिन उसके अभिभावकों का मानना था कि उसके शरीर पर बुरी आत्माओं का कब्ज़ा है और वे उसको एक झाड़ फूंक करने वाले तांत्रिक बाबा सिराजुद्दीन के पास ले गए जहां सिराजुद्दीन के दो हफ्ते लम्बे यातना भरे कर्म काण्ड ने हसीना की जान ले ली.26_01_2013-kpal

ये कर्म कांड आधी रात के बाद शुरू होते थे.  पीड़ित को खाना न देना, शारीरिक प्रताड़ना और मन्त्र आदि की सहायता लेना इस जादू टोने वाली झाड़ फूंक में शामिल था. पुलिस के अनुसार शुरुआत में तो हसीना ने प्रतिरोध जताया लेकिन बाद में बेहद कमज़ोर होने की वजह से वो न तो प्रतिरोध ही कर पाई न अपना बचाव. टूटी हुयी रीढ़ की हड्डी और  अंदरूनी रक्तस्राव की वजह से हसीना को अपनी ज़िन्दगी से हाथ धोना पड़ा.

बुधवार शाम पुलिस ने हसीना की पिता हसन और तांत्रिक सिराजुद्दीन के सहयोगी कबीर को हिरासत में ले लिया. हसन के ऊपर अपनी बेटी को अमानवीय कृत्यों में झोंकने का आरोप है. हालाँकि मुख्य अभियुक्त सिराजुद्दीन अभी भी गिरफ्त से बाहर है और आजाद घूम रहा है. पुलिस कमिश्नर ने हालाँकि ये साफ़ किया है कि सिराजुद्दीन भागने न पाए इसके लिए सभी इन्तेजामात कर लिए गए हैं और सभी सीमाएं सील कर दी गयी हैं.

गौरतलब है कि केरल भारत का सबसे अधिक साक्षरता वाला प्रान्त है लेकिन यहाँ ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं. स्कूल टीचर जाया बताती हैं कि बच्चे भी ऐसी बातों में खूब रूचि लेते हैं और इन ऊटपटांग किस्सों को सच मान कर भरोसा कर लेते हैं. वे ज़्यादातर बिमारियों का इलाज किसी मन्त्र या होली वाटर को मानते हैं.

 

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