/देशाटन पर निकले वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर..

देशाटन पर निकले वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर..

जौनपुर। अविरल गंगा के छींटों व बौछारों को अपने जीवन में समाहित करने वाले एक साहसिक पत्रकार द्वारा मोटरसाइकिल से भारत भ्रमण अभियान की शुरूआत हो गयी जो 1 अगस्त को लेह और 15 अगस्त को व्यापक राष्ट्र भ्रमण करने के उपरांत 26 जनवरी 2015 को अपनी यात्रा का समापन लखनऊ में करेगा।JNP Photo1

वैसे तो उक्त वरिष्ठ पत्रकार वर्तमान में सूबे की राजधानी लखनऊ से पत्रकारिता को अंजाम दे रहे हैं लेकिन एक समय था कि शिराज-ए-हिन्द जौनपुर की धरती पर अनवरत कई वर्षों तक वाराणसी से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के सिपाही के रूप में अपनी लेखनी से सभी वर्गों के लोगों के आंखों की किरकिरी बने रहे।

फिलहाल गंगा संस्कृति के साथ शिखर से तल तक की सोच रखने वाले उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर का कहना है कि इस भ्रमण अभियान का उद्देश्य देश की सामाजिक व सांस्कृतिक विशेषताओं का व्यापक अध्ययन करना है। श्री सौवीर ने बताया कि वह 1 अगस्त को लखनऊ से चलकर लेह की ओर रवाना होंगे लेकिन इसके पहले 27 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में ही भ्रमण करेंगे।

15 अगस्त से लेह से प्रारम्भ होने वाला यह अभियान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, केरल, तमिलनाडू, पांडिचेरी, उड़ीसा, झारखण्ड, बिहार के साथ नेपाल को छूते हुये बंगाल, सिक्किम, भूटान तक चलेगा। इसके बाद श्री सौवीर असम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैण्ड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम होते हुये लखनऊ की ओर बढ़ेंगे तथा 26 जनवरी 2015 को अभियान का समापन करेंगे।

2 जून 1982 से लखनऊ से प्रकाशित एक साप्ताहिक समाचार पत्र से पत्रकारिता की शुरूआत करने वाले श्री सौवीर तमाम हिन्दी, साप्ताहिक समाचार पत्रों सहित टीवी चैनल, रेडियो, दूरदर्शन में बतौर सिपाही काम कर चुके हैं। लगभग साढ़े 12 लाख रूपये के खर्च वाले इस भ्रमण अभियान में सहयोग के लिये श्री सौवीर ने कहा कि यदि कोई सहयोग देना चाहता है तो स्वागत है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.