Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

अरविंद केजरीवाल के बयान पर बरसीं अरुणा रॉय, कहा, ”मैंने नहीं किया बातचीत से इंकार”

By   /  September 12, 2011  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

लोकपाल विधेयक को लेकर टीम अन्ना और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य अरुणा रॉय के बीच एक नया विवाद छिड़ गया है। अरुणा रॉय ने अन्ना के प्रमुख पैरोकार अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अरुणा की टीम बातचीत नहीं करना चाहती।

अरुणा रॉय ने रालेगण सिद्धी में केजरीवाल द्वारा दिये गये बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा, ”मैंने कभी यह आरोप नहीं लगाया कि टीम अन्ना ने इस मुद्दे पर हमारे (एनसीपीआरआई) के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया। दरअसल एनसीपीआरआई ने बातचीत में शामिल होने से कभी इनकार नहीं किया। केजरीवाल ने खुद कहा है कि तीन दौर में बातचीत हुई है इसलिए यह आरोप गलत है कि हमने बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया था।”

अरुणा ने 11 सितंबर को अखबारों में आये इस बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई है, जिसमें केजरीवाल के हवाले से कहा गया है, ”जब हम अरुणा से मिलने वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर के घर गये तो उन्होंने हमें दरवाजे से यह कहकर लौटा दिया कि वह मुझसे बातचीत नहीं करना चाहतीं।” उन्होंने एनसीपीआरआई के अपने सहयोगी निखिल डे के साथ रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि नैय्यर ने उन्हें निजी मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था, जहां उन्होंने न्यायमूर्ति राजिंदर सच्चर, मेधा पाटकर और संभवत: प्रशांत भूषण को भी बुलाने की बात कही। जब हमें पता चला कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) से भी कुछ लोग आ रहे हैं तो हमने नैय्यर के सामने स्पष्ट कर दिया कि इस मुलाकात में लोकपाल पर चर्चा नहीं होगी क्योंकि यह मित्रवत बैठक है।

अरुणा ने यह भी कहा कि लोकपाल के मुद्दे पर आईएसी तथा एनसीपीआरआई के बीच बातचीत अलग से हुई और किसी भी समय उनके संगठन ने यह नहीं कहा कि वह केजरीवाल से मुलाकात नहीं करेगी। गौरतलब है कि अन्ना हजारे के गांव रालेगण सिद्धी में 10-11 सितंबर को अन्ना पक्ष की कोर समिति की बैठक के बाद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने अरुणा राय और उनकी टीम के साथ कई दौर की बातचीत की है। इससे पहले खबरों में अरुणा का यह बयान आया था कि टीम अन्ना उनके साथ चर्चा करने की इच्छुक नहीं है।

केजरीवाल ने दावा किया था कि अरुणा की टीम ने कानून का कोई मसौदा तैयार नहीं किया है बल्कि सिर्फ प्रस्ताव हैं।  उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हम अरुणा राय और उनकी टीम को सार्वजनिक चर्चा के लिए आमंत्रित करते हैं। इससे पहले देश में हजारे पक्ष के जन लोकपाल विधेयक पर शुरू हुई बहस के बीच अरुणा ने लोकपाल विधेयक का एक अलग मसौदा पेश किया था जिसे लेकर अन्ना पक्ष और उनके बीच मतभेद सामने आये थे।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

न्याय सिर्फ होना नहीं चाहिए बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए, भूल गई न्यायपालिका.?

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: