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महिला सहयोगी के यौन उत्पीड़न में फंसे IIM के प्रोफेसर..

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रांची, देश के टॉप मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट आईआईएम रांची में एक प्रोफेसर पर अपनी महिला सहयोगी के यौन शोषण का आरोप लगा है. इसी इंस्टिट्यूट में प्रोफेसर, इस महिला ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई. पीड़ित महिला ने आईआईएम मैनेजमेंट से भी इसकी शिकायत की है.Ranchi-IIM

रांची शहर के एसपी अनूप बर्थारे ने कहा कि महिला ने आईआईएम प्रोफेसर सराधर बेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है. इसके मुताबिक, प्रोफेसर महिला पर पिछले दो महीनों से अश्लील टिप्पणी कर रहे थे. इसलिए पुलिस ने कई धाराओं में मुलजिम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. अगर आरोप सही निकले तो प्रोफेसर को दो की साल कैद, जुर्माना या दोनों हो सकता है.

आईआईएम रांची के डायरेक्टर बिनय भूषण ने कहा कि मुझे अब तक इस मामले की जानकारी नहीं है. मैं फिलहाल कोलकाता में हूं और किसी पुलिस अफसर ने मुझसे इस मामले में बातचीत नहीं की है. महिला ने आईआईएम मैनेजमेंट को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. कोतवाली पुलिस स्टेशन ने इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर मीरा सिंह को सौंपी है. शनिवार को मीरा और उनकी टीम आईआईएम रांची पहुंचे थे, लेकिन आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों ही कैंपस में मौजूद नहीं थे. बर्थारे ने कहा कि महिला का दावा है कि उसने मैनेजमेंट से शिकायत की है और हम मैनेजमेंट से इस बारे में पूछताछ करेंगे. अगर आरोप सही निकले को प्रोफेसर को गिरफ्तार किया जाएगा.

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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