/नितिन गडकरी के दिल्ली नहीं बल्कि मुंबई वाले घर से मिले जासूसी उपकरण..

नितिन गडकरी के दिल्ली नहीं बल्कि मुंबई वाले घर से मिले जासूसी उपकरण..

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कथित जासूसी से इनकार करने के बाद अब बीजेपी के आला नेताओं को बताया है कि दिल्ली वाले घर से नहीं, बल्कि उनके मुंबई वाले घर से जासूसी के उपकरण मिले थे. खुद गडकरी ने पार्टी के बड़े नेताओं को जासूसी को लेकर जानकारी दी है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि गडकरी फिलहाल मीडिया के सामने इसे कबूल करने से अभी बच रहे हैं.nitin gadkari

गौरतलब है कि, इससे पहले गडकरी ने अपने घर की कथित ‘जासूसी’ का खंडन किया था. गडकरी ने कहा था कि उनके घर में टैपिंग के उपकरण लगाए जाने की बात सरासर गलत है.

बीजेपी नेता नीतिन गड़करी  से जब मीडिया ने उनसे जासूसी को लेकर सवाल किया तो वो कुछ नहीं बोले, लेकिन उन्होंने ट्विट करके जासूसी की खबरों का खंडन किया है.

एक मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गडकरी के दिल्ली स्थित 13 तीन मूर्ति लेन स्थित निवास के बेड रूम से उच्च शक्ति वाला सुनने का उपकरण पाया गया था. इसमें कहा गया है कि इस उपकरण की जानकारी अचानक मिली और इसे तुरंत हाटने के आदेश दिये गए.

गडकरी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर टिप्पणी में कहा ‘‘मीडिया के एक वर्ग में आई ये खबरें सरासर काल्पनिक हैं कि मेरे नयी दिल्ली स्थित निवास से बातें सुनने वाला उपकरण पाया गया है.’’

केन्द्रीय मंत्री के करीबी सूत्रों ने भी इस तरह का कोई उपकरण पाये जाने से इंकार किया है. इस उपकरण के बारे में खबरों में कहा गया है कि यह उच्च क्षमता का है और सामान्य तौर पर इस तरह के उपकरण का इस्तेमाल पश्चिमी एजंसियों द्वारा किया जाता है.

सुब्रमण्यम का दावा, मिले उपकरण

नितिन गडकरी के घर की जासूसी पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि उनके घर से जासूसी के उपकरण मिले हैं.

सुब्रमण्यम ने कहा, “किसी विदेशी एजेंसी का काम है और अमेरिका पहले से ही बीजेपी को टारगेट करता रहा है.”

स्वामी ने नितिन गडकरी के घर पर मिले जासूसी उपकरण मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की है.

सूत्रों के मुताबिक गडकरी की सफाई पर बीजेपी ने कहा है कि पूरे मामले पर पार्टी का भी पक्ष यही है. गडकरी की कथित ‘जासूसी’ की खबर पर कांग्रेस समेत कई दलों ने गडकरी और सरकार से सफाई देने को कहा था.

कांग्रेस के एक अन्य नेता मनीष तिवारी ने इस मामले में प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि अगर कोई जांच का आदेश दिया जाता है तो इसके पूरे तथ्यों को संसद के पटल पर रखा जाना चाहिए ताकि देश को यह पता चले कि क्या इसमें कोई सच्‍चाई है. भाकपा के डी राजा ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इस बात पर आश्चर्य जताया कि कोई कैसे अवैध तरीके से गडकरी के निजी कक्ष तक पहुंच सकता है.

उधर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निवास पर खुफिया उपकरण मिलने की रिपोर्ट की जांच होनी चाहिए तथा उन्होंने सरकार से संसद में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने मांग की. उन्होंने यहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में संवाददाताओं से कहा कि यदि मंत्रियों के निवास की जासूसी होती है तो यह शुभ संकेत नहीं है. इसकी जांच होनी चाहिए. यह कैसे हो सकता है? सरकार को इस पर संसद में स्पष्टीकरण देना चाहिए.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.