/ज्योति के कत्ल की आरोपी मनीषा ने किया प्रेग्नेंसी टेस्ट से इन्कार..

ज्योति के कत्ल की आरोपी मनीषा ने किया प्रेग्नेंसी टेस्ट से इन्कार..

लखनऊ। कानपुर के ज्योति हत्याकांड की आरोपी मनीषा मखीजा ने प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने से इन्कार कर दिया है। उसने जेल में डाक्टरी परीक्षण के समय डाक्टरों से साफ कह दिया कि वह टेस्ट नहीं कराएगी। प्रेग्नेंसी टेस्ट महिला की इच्छा के बिना नहीं कराया जा सकता है, इसलिए डाक्टरों ने दबाव नहीं डाला।02_08_2014-manisha02

गिरफ्तारी के समय प्रेमिका मनीषा के के गर्भवती होने और इसी कारण पीयूष से शादी की जल्दबाजी करने की बात सामने आयी थी। आइजी ने भी ऐसी संभावना को खारिज नहीं किया था और मीडिया से कहा था कि जरूरत पड़ी तो मनीषा का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया जाएगा। मनीषा जब गुरुवार को जेल पहुंची तो उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। चिकित्सकों ने उससे प्रेग्नेंसी के बारे में पूछा तो उसने कहा, ऐसी कोई बात नहीं है और वह प्रेग्नेंसी टेस्ट नहीं कराएगी। इस पर चिकित्सकों ने सामान्य परीक्षण के बाद उसे वापस भेज दिया था। पांच सितारा जीवन शैली की आदी मनीषा बैरक में पहुंच कर काफी तनाव में दिख रही है।

‘तुम तो जेल के भी लायक नहीं’
जेल की महिला बैरक में महिला महिला बंदियों ने पीयूष की प्रेमिका मनीषा को जमकर धिक्कारा। इन लोगो ने कहा कि पीयूष से प्रेम करती थी तो उसके साथ भाग जातीं। पीयूष का ज्योति से तलाक करवाकर शादी कर लेती। तुमने तो स्वार्थ के लिए मासूम ज्योति को पति के हाथ से मरवाकर ठीक नहीं किया। इन लोगों ने कहा कि हमसे भी अपराध हुआ है लेकिन हमने किसी का घर नहीं उजाड़ा। ईश्वर तुम्हें माफ नहीं करेगा, तुम तो जेल में भी रहने लायक नहीं हो। गुरुवार को जेल पहुंची मनीषा की पहली रात बेचैनी और उदासी में बीती। रात भर वह गर्मी के कारण करवट बदलती रही। काफी देर तक बैरक में टहलती रही। इस दौरान उसने एक महिला बंदी से पानी मांगा, इस पर उसने जमकर खरी खोटी सुनाई। महिला बंदी ने कहा कि घड़े से पानी ले लो। तुम बड़े घर की बेटी हो लेकिन तुम्हारे कर्म हमसे भी खराब हैं। तुमने न केवल किसी का घर उजाड़ा बल्कि एक मासूम की जान भी ले ली। जेल में तुम्हें न तो ठंडा-गर्म पानी मिलेगा, न एसी का सुख। चटाई ही तुम्हारा बिस्तर है। एक महिला बंदी के प्लास्टर के बारे में पूछने पर जब मनीषा ने बताया कि दो हफ्ते पहले घर में गिर गई थी तो वह बिफर पड़ी, उसने कहा कि अखबार से सब पता चल चुका है, तुम झूठी हो और खुद को बचाने के लिए नौटंकी कर रही हो।

मां से लिपटकर खूब रोई मनीषा
जेल में कल माता-पिता मनीषा से मिलने पहुंचे। मां ने बेटी को देखा तो उनके आंसू बहने लगे, दोनों एक दूसरे से लिपटकर खूब रोईं। पिता और पुत्री में भी काफी देर तक भावनात्मक बातें होती रहीं। पिता ने उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही घर ले चलेंगे। सूत्रों की मानें तो अन्य हत्यारोपियों से मिलने जेल में कोई नहीं आया। गुरुवार को जब पीयूष जेल में था तो उसके यहां से भी कोई नहीं आया था।

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.