/दिल्ली में गोरी चमड़ी का धंधा चरम पर..

दिल्ली में गोरी चमड़ी का धंधा चरम पर..

भारत की राजधानी दिल्‍ली में इन दिनों गोरी चमड़ी धड़ल्‍ले से बिक‍ रही है। जी हां राजधानी में पिछले कुछ सालों से विदेशी कॉलगर्ल्‍स या देह धंधे में संलिप्‍त विदेशी महिलाओं की तदाद में अप्रत्‍याशित इजाफा हुआ है। सीधे शब्‍दों में कहें तो विदेशी कॉलगर्ल्‍स दिल्‍ली में अपनी जड़ें मजबूती से फैला रही हैं।

फाइल फोटो
फाइल फोटो

ज्‍यादा दूर की बात ना करते हुए अभी तीन दिन पुरानी बात करें तो दिल्‍ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने छापेमारी के दौरान एक सेक्‍स रैकेट का खुलासा कर 6 विदेशी लड़कियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार की गईं लड़कियां उज्‍बेकिस्‍तान और किर्गिस्तान की रहने वाली हैं। खास बात यह है कि ये लड़कियां स्‍टूडेंट वीसा पर भारत आती है और यहां देह व्‍यापार का गोरखधंधा चलाती हैं।

गौरतलब हैं कि इससे पहले भी दिल्‍ली पुलिस अब तक की सबसे बड़ी सेक्‍स सरगना सोनू पंजाबन को गिरफ्तार कर इस बात का खुलासा कर चुकी है। पुलिस को इन कॉलगर्ल्‍स के पास से लैपटॉप बरामद हुआ है जिसमें वो वीआईपी ग्राहकों को डाटा रखती हैं। कांट्रेक्‍ट मैरिज कर के विदेशी लड़कियां पाती है वीसा पुलिस ने जिन लड़कियों को गिरफ्तार किया था उनमें से एक के पास से इंडियन मैरेज सर्टिफिकेट बरामद हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि ये विदेशी कॉलगर्ल्‍स भारत में अपनी जड़ जमाने के लिये भारतीय युवकों से शादी कर रही है और वीसा मिल जाने के बाद उन्‍हें छोड़कर देह व्‍यापार कर रही हैं। वहीं पैसे की लालच में भारतीय युवक भी उनसे आसानी से शादी कर ले रहे हैं। कुछ विदेशी लड़कियां स्‍टूडेंट और कुछ टूरिस्‍ट वीसा पर भारत आ रही हैं।

अन्‍य देशों के अलावा भारत में देह व्‍यापार से होती है ज्‍यादा कमाई

दिल्‍ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक आला अधिकारी ने बताया कि उज्‍बेकिस्‍तान से भारत आई लड़कियां जिस्‍मफरोशी के माध्‍यम से बहुम पैसा कमा रही हैं। पूछताछ पर एक युवती ने बताया कि उसे अन्‍य देशों के अपेक्षा भारत में ज्‍यादा पैसा मिलता है। बैचलर्स पार्टी में टॉपलैस डांस से लेकर बैली डांस तथा एक्जॉटिक थीम पर आधारित पार्टी के आयोजन के लिए यह विदेशी बालाएं दिल्ली के अलावा शिमला, जयपुर, गोवा जैसी जगह भी जाती हैं और एक रात में लाखों रुपये अंदर कर लेती हैं। उसने बताया कि दिल्‍ली में ग्रा‍हकों की डिमांड पर बेली डांस और न्‍यूड पार्टी का भी आयोजन कराया जाता है जिसका वह अलग से चार्ज लेती हैं।

राष्‍ट्रमंडल खेलों के बाद से विदेशी कॉलगर्ल्‍स की बढ़ी है मांग

पुलिस के कुछ आला अधिकारी की माने तो राष्‍ट्रमंडल खेलों के बाद से विदेशी कालगर्ल की डिमांड में खासी बढ़ोतरी हुई है। मालूम हो कि राष्‍ट्रमंडल खेल के दौरान भारी मात्रा में विदेशी कॉलगर्ल्‍स दिल्‍ली आईं थी और उसके बाद से उन लोगों ने दिल्‍ली को टारगेट कर लिया था। इन लड़कियों ने ग्राहाकों को अपने कॉंटेक्ट्स देने के लिये वेबसाइट्स (एस्कॉर्ट सर्विस) का सहारा लेती हैं। इस बेवसाइट में उनकी फोटो, स्‍पेशल सर्विस का जिक्र और बाकायदा रेट और टाइम लिखा होता है। पुलिस ने बताया जिन लड़कियों को हिरासत में लिया गया है वो एक रात के लिये 30 से 40 हजार रुपये लेती थीं। मालूम हो कि हाल ही में दिल्ली पुलिस की मांग पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने उजबेक महिलाओं को वीजा देने में कई पाबंदियां लगा दी थी। इसके विरोध में उजबेकिस्तान में भारतीय दूतावास पर कई महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.