/रायपुर में रेव पार्टी में अश्लीलता की मची धूम..

रायपुर में रेव पार्टी में अश्लीलता की मची धूम..

फ्रेंडशिप-डे से एक दिन पहले तेलीबांधा स्थित सिटी मॉल-36 के तंत्रा में रात 2.30 बजे शराब के नशे में चूर लड़के-लड़कियों ने जमकर अश्लीलता मचाई। चौथे फ्लोर पर तंत्रा में डीजे की तेज धुन में युवा जोड़े अर्घनग्न अवस्था में झूमते रहे। पुलिस और प्रशासन को इस रेव पार्टी की पहले कोई खबर नहीं थी, लेकिन जब सूचना मिली तो पुलिस ने यहां छापा मार तो इससे पार्टी में हड़कंप मच गया और अर्धनग्न लड़के और लड़कियां सड़कों पर भागते नजर आई। कुछ युवकों ने पुलिस को अपने रसूख की धौंस भी दिखाई।

फेसबुक, वाट्सएप पर हुई थी प्लानिंग

बताया जा रहा है कि पार्टी की एक हफ्ते पहले ही वाट्सएप और फेसबुक के जरिए प्लानिंग कर ली गई थी। पार्टी में कोई कमी न रहे इसलिए शराब, ड्रग्स और लड़कियों की भी व्यवस्था की गई थी।

मौके से मिली शराब और ड्रग्स

मौके पर शराब के अलावा नशे की गोलियां भारी मात्रा में बरामद की गई। यहां पर शराब की बोतलें, नशीली गोलियां आदि बरामद की गई हैं। रात 10 बजे शुरू हुई मौज-मस्ती में रसूखदार घरानों के लड़के-लड़कियां नशे में चूर पाए गए। तेलीबांधा पुलिस को मिली सूचना के बाद रात 2.30 बजे यहां छापेमारी की गई, तो सबके सब अश्लीलता में डूबे हुए थे।

कोई गिरफ्तार नहीं

पार्टी में अश्लीलता फैलाने वाले इन लड़के लड़कियों में से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। ये सभी शहर के प्रतिष्ठि और पैसे वाले घरानों से ताल्लुक रखते हैं। पार्टी में एंट्री फीस 3 हजार रूपए प्रति व्यक्ति थी। इसके लिए मुंबई, नागपुर से लड़कियां भी बुलाई गई थी।

पिछले गेट से भागे, स्टूडेंट भी थे शामिल

पार्टी में शामिल 20 से 25 साल की लड़कियां और 24 से 30 साल तक के लड़के शामिल थे। साथ ही इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स भी थे। छापामारी में कई लड़के-लड़कियां पिछले गेट से भाग निकले।

ये भी हैं चर्चित मामले

– 2012 में होटल वीडब्ल्यू केन्यॉन की पार्टी।
– 2013 में होटल जीटी स्टार में फ्रेण्डशिप-डे पर पार्टी में भी पुलिस की दबिश से बबाल।
– 2 अगस्त 2014 को एमजी रोड पर होटल “दी गोल्डन ऑक” के ब्लूस बार में चल रही पार्टी में पुलिस ने दबिश दी। लेकिन कोई पकड़ा नहीं जा सका।

तंत्रा का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश

तेलीबांधा पुलिस के मुताबिक तंत्र के पब में लाइसेंस शर्तो का उल्लंघन किया गया है। इसके तहत पुलिस ने आबकारी एवं जिला प्रशासन से लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की है।

पार्किग में पाए गए आपत्तिजनक अवस्था में

कुछ लड़कियां पार्टी के दौरान मॉल की पार्किग में खड़ी कारों में अपने दोस्तों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिली। पुलिस छापा का हल्ला उड़ते ही लड़कियां कार से निकलकर मॉल के लॉन में गईं। वे अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर मंदिर हसौद और वीआईपी रोड की ओर निकल गई।

फाइल चित्र
फाइल चित्र

यहां भी हुई पार्टी

रिंगरोड के क्लब ओटीवॉय में बिना अनुमति पार्टी चल रही थी। सूचना पर प्रभारी आजादचौक सीएसपी अर्चना झा, डीडीनगर टीआई एवं आमानाका टीआई के साथ होटल पहुंची। मौजूद युवक-युवतियों के थोड़ी पूछताछ के बाद संचालक एवं मैनेजर से पूछताछ की गई। सूचना भी सोशल नेटवर्किग साइट के जरिए भेजी गई थी।

मॉल के बार संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। लाइसेंस रद्द करने को लेकर आला अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी। लड़के-लड़कियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
– राकेश बघेल, टीआई, तेलीबांधा थाना

फेसबुक व वाट्सएप के जरिए पार्टी का बुलावा

राजधानी में इन दिनों मेट्रो सिटी का ट्रेंड शुरू हो गया है। अब राजधानी में शराब पार्टियां आम होने लगी हैं। इसके साथ ही अश्लील पार्टियों का दौर भी रायपुर के कल्चर का हिस्सा बनने लगा है। पार्टी का ट्रेंड बदलने के साथ इनके आयोजन का तरीका भी बदलता जा रहा है। अब ऎसी पार्टियां होने लगी हैं, जहां लोगों में भले ही आपस में जान-पहचान नहीं होती, लेकिन सोशल नेटवर्किग साइट्स से लोगों तक खबर पहुंचती है और कुछ पैसे खर्च कर पार्टी में शामिल होते हैं।

ताजा मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत एमजी रोड पर स्थित होटल दी गोल्डन ऑक में शनिवार को पुलिस की दबिश के बाद सामने आया। यहां वीजे कुणाल ने पार्टी का आयोजन किया था। पुलिस की पूछताछ में वीजे कुणाल ने बताया कि पार्टी में शामिल युवक-युवतियां फेसबुक के जरिए बुलाए गए थे, जिनमें से कई को आयोजक पहचानता भी नहीं था। वहीं रविवार को रिंग रोड स्थित क्लब ओटीवॉय में पब में आयोजित पार्टी में नाबालिगों के शामिल होने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी और जांच की गई। इसमें भी सोशल नेटवर्किग साइट का सहारा लिया गया था।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.