Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  कला व साहित्य  >  Current Article

पर्यटन में नया बूम डांस टूरिज्म..

By   /  August 8, 2014  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

विदेशी पर्यटक आ रहे राजस्थानी नृत्य सीखने / INDIA’S GOT TALENT के सेमिफाईनलिस्ट क्वीन हरीश ने शुरू किया नया अध्याय..

-सिकंदर शैख़||

जैसलमेर, स्वर्ण नगरी जैसलमेर पूरे विश्व में अपनी अनूठी शिल्प कला, नक्काशी, झरोखों ,और कला संस्कृति के लिए विख्यात है. पूरी दुनिया के पर्यटक लाखों की संख्या में हर वर्ष यहाँ आते हैं और जैसलमेर की इन सभी विशेषताओं को केमरे में क़ैद कर अपने अपने देश ले जाते हैं. मगर कोई सात समंदर पार से यहाँ का राजस्थानी लोक नृत्य और बॉलीवुड फ्यूजन डांस सीखने आये तो अपने आप में एक अचरज की बात है. ऐसा क्या है यहाँ के कलाकारों में जो पूरी दुनिया में शायद कही नहीं? 12344_10201395981572325_488470470_n

जी हाँ जैसलमेर के क्वीन हरीश ने पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ा है और वो है डांस टूरिज्म का , हर वर्ष उनके पास सैकड़ों पर्यटक सिर्फ नृत्य कि तालीम लेने ही आते है और वो उन्हें कालबेलिया नृत्य, जिप्सी डांस , और राजस्थानी नृत्य में पारंगत करते हैं , यहाँ से सीखे कई पर्यटक अपने देश में जाकर वहाँ राजस्थानी नृत्य कि ख़ूबसूरती से लोगों को रूबरू करवाते हैं जिससे यहाँ कि सभ्यता एवं संस्कृति कि झलक विदेशो में विदेशियों द्वारा ही फैलायी जा रही है , ऐसी कई अनगिनत डांसर है जो क्वीन हरीश से राजस्थानी नृत्य कि ट्रैनिंग लेकर गयी है तथा आज भी अपने देश में राजस्थानी नृत्य का परचम लहरा रही है.

क्वीन हरीश इन्हे नृत्य में पारंगत करके यहाँ आने वाले पर्यटकों के सामने इनका प्रदर्शन भी करवायते हैं , जिसको देख देसी सैलानी दांतो टेल उंगलिया दबा लेते हैं , इन दिनों बेल्जियम से आया दस लोगों का ग्रुप सलमान खान की नयी फिल्म किक के गाने पर ठुमका लगाते देखे जा सकते हैं , बेल्जियम से आये इस ग्रुप की ग्रुप लीडर ईवा पिछले 15 वर्षों से भारत आ रही है साथ ही उसको भारत से इतना लगाव है की उसने बाकायदा हिंदी सीखी है और वो इतने सलीके से हिंदी बोलती है की सामने वाला लाजवाब हो जाता है , ईवा का मानना है की यूँ तो जैसलमेर बहुत खूबसूरत जगह है लेकिन अब डांस टूरिज्म से जैसलमेर की नयी पहचान बनेगी और इसका पूरा श्रेय क्वीन हरीश को जाता है.1544449_10202642806342165_869093988_n

जैसलमेर में शुरू हुए इस नए ट्रेंड से उम्मीद कि नयी किरण जागी है , जिससे यहाँ आने वाले पर्यटकों में तो इजाफा होगा ही साथ ही साथ यहाँ का नृत्य भी सांत समुद्र पार जाएगा , क्वीन हरीश का मानना है की अगर सरकार उनकी मदद करे तो वो जैसलमेर में एक उच्च स्तर की डांस एकेडेमी लगाना चाहते हैं जिससे वो राजस्थान के नृत्य को प्रमोट करें और यहां आने वाले देसी विदेशी सैलानियों को उससे रूबरू करवाये ताकि जैसलमेर की पर्यटन क्षेत्र में एक अलग पहचान बने.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: