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शाल, साड़ी और राखी के बीच गोलीबारी की कूटनीति..

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पहले शाल , फिर साड़ी और फिर राखी. इस बीच में भटके जवानों के साथ भी अच्छे बर्ताव की खबरें आयीं. लेकिन इन सबके के बीच एक बात जो लगातार होती रही वो थी Untitledनियंत्रण रेखा के उस पार से गोलीबारी और युद्धविराम का उल्लंघन. पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में पुंछ जिले में युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुए एक बार फिर शुक्रवार रात को गोलीबारी की. रक्षा प्रवक्ता कर्नल मनीष मेहता बताते हैं, “ पाकिस्तान की सेना ने शुक्रवार की देर रात नियन्त्रण रेखा के भिम्बेर घाली क्षेत्र में भारतीय चौकियों को निशाना बना कर गोलीबारी की. उन्होंने छोटे स्वचालित हथियारों की मदद से शुक्रवार की रात लगभग 10.30 के आस पास गोलीबारी शुरू की जिसका जवाब हमारे जवानों ने भी दिया. फ़िलहाल भारतीय खेमे में किसी भी नुकसान की कोई खबर नहीं है.

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्ध विराम समझौता हुआ था. लेकिन इस समझौते के बावजूद अक्सर युद्ध विराम का उल्लंघन होता रहता है.

विशेषज्ञों की मानी तो ऐसे उल्लंघन शांति वार्ता को प्रभावित तो करते ही हैं, साथ ही साथ  सीमा पर तनाव को बढ़ाते भी हैं. पिछले कुछ समय में जिस तरह से भारत ने जिस तरह से पहल की और उसका कूटनीतिक जवाब भी मिला ऐसे में लगातार युद्ध विराम का उल्लंघन अच्छी बात नहीं. एक तरफ आप  तोहफों का लें देन  कर रहे हैं और दूसरी  तरफ आप सैनिकों की जान ले रहे हैं. ये आपकी दोहरी मानसिकता और सोच  में कितनी  पाकीजगी है इस बात को साफ कर देता है. पिछले दो महीने से कुछ अधिक समय में ही सीमा पार से गोलीबारी की कितनी ही खबरें आई हैं जिनमें कई जवानों की जान भी गयी है.

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