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स्नूपगेट काण्ड में सुप्रीम कोर्ट मोदी के साथ …

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गुजरात के विवादित जासूसी काण्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नरेन्द्र मोदी को बड़ी राहत दी है. सर्वोच्च न्यायलय ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया है और 0भारतीय प्रशासनिक सेवा के ससपेंड किये गए अधिकारी प्रदीप शर्मा के खिलाफ आपराधिक मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गयी है.

न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की शुरुआत में ही वकील को जासूसी प्रकरण से जुड़े मुद्दे उठाने से ये कह कर रोक दिया कि वे अपनी बहस का बिंदु जांच में राज्य पुलिस की जांच के पक्षपाती होने या न होने तक ही सीमित रखें. वो अदालत को ये बताएं कि राज्य की जांच किस तरह से पक्षपाती है.

न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि उनका किसी व्यक्ति या केन्द्र में सत्तारूढ़ सरकार से कोई सरोकार नहीं है और वे कानून की किताबों के अनुसार ही चलेंगे. अदालत के बयान में बताया गया कि “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम आपको यह बिन्दु नहीं उठाने देंगे, क्योंकि आप खुद ही अपनी याचिका से इन अंशों (जासूसी कांड से संबंधित) को हटाने के लिए तैयार हो गए थे.” राज्य सरकार ने शर्मा के सभी आरोपों का जोरदार प्रतिवाद किया और कहा कि वह खुद अनेक कथित गैरकानूनी वित्तीय सौदों के सिलसिले में निगरानी के दायरे में हैं. र्ष अदालत ने मोदी की छवि खराब करने के इरादे से शर्मा के कथन पर 12 मई 2011 को कड़ी आपत्ति जाहिर की थी और उन्हें याचिका से उन अंशों को निकालने का निर्देश दिया था. भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रदीप शर्मा के खिलाफ के 2008 में भूमि घोटाले में शामिल होने के आरोप में पांच मामले दर्ज हैं जिन्हें शर्मा ने सीबीआई को सौंपने की मांग की थी .

 

 

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