Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  कला व साहित्य  >  Current Article

हरियाणा की राजनीति पर पत्रकार पवन कुमार बंसल की किताब गुस्ताखी माफ हरियाणा का विमोचन..

By   /  August 13, 2014  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत का कहना है कि हरियाणा अब तक दलबदल, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद तथा आया राम – गया राम के लिए बदनाम रहा है लेकिन अब समय आ गया है कि प्रदेष की जनता, नेता, मीडिया और अफसर सब मिलकर एक नए हरियाणा के निर्माण के लिए काम करें, जिसमें जनता का कल्याण ही उद्देष्य हो. हरियाणा के वरिश्ठ पत्रकार पवन कुमार बंसल की हरियाणा की राजनीति पर लिखी किताब ‘गुस्ताखी माफ हरियाणा’ का दिल्ली में आयोजित एक समारोह में विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि अब नेताओं को ऐसे काम करने चाहिएं ताकि पवन बंसल अपनी आने वाली किताब में उनका जिक्र सुनहरे अक्षरों में करें. इन्द्रजीत ने कहा कि गुड़गांव में किसानों की जमीन की लूट उनके सामने हो रही थी, जिसे वो बर्दाष्त नहीं कर सके इसलिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया. इस अवसर पर जनसत्ता के प्रधान संपादक ओम थानवी ने कहा कि नटवर सिंह जैसे लोग अपनी किताब में एक दो पेज ऐसा लिख देते हैं जिससे किताब सारे देष में बिकती है लेकिन पवन बंसल की किताब में तो ऐसे हजारों पेज हैं. उन्होंने कहा कि पवन बंसल की किताब का तो हर किस्सा नेताओं और अफसरशाही की पोल खोलता है.20140811_182143

सामाजिक कार्यकर्ता राम कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्र बनवाने के नाम पर झज्जर में मुकेष अंबानी को आठ हजार एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति दी. सरकार ने कहा कि इससे दस लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. विषेश आर्थिक क्षेत्र नहीं बना और ना ही लोगों को रोजगार मिला. उन्होंने इस जमीन को फालतू भूमि कानून के तहत फालतू घोशित करके वापिस किसानों को देने की मांग करते हुए झज्जर के उपायुक्त की अदालत में रिलायंस इंडस्ट्री के खिलाफ केस दायर कर रखा है.

लोक सम्पर्क विभाग के पूर्व उपनिदेशक महीपाल ने कहा कि पवन बंसल ने हरियाणा की राजनीति की सच्चाई लिखने की हिम्मत की है. इस अवसर पर उन्होंने कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिक डॉ. एम पी सिंह का सन्देश पढ़ कर सुनाया जिसमें कहा गया कि बंसल की पहले लिखी दो किताबें यहां रहने वाले भारतीय बड़े चाव से पढ़ते हैं.

225 पेज की किताब में कार्टून इंडिया बुल्स कंपनी के मालिक नरेंद्र गहलोत तथा गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में प्रबंधन में पीएचडी कर रही जान्हवी बंसल ने बनाए हैं.

पवन बंसल ने कहा कि उन्होंने ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर की नीति पर चलते हुए नेताओं की सच्चाई जनता के सामने रखने का प्रयास किया है कि वे चुनाव जीतने के लिए किस तरह लोक लुभावने वायदे करते हैं और सत्ता में आकर उन्हें भूल जाते हैं. इस किताब में हरियाणा के दलबदल, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारदवाद, आयाराम गया राम, भारत दर्षन की राजनीति का हास्य के माध्यम से वर्णन किया गया है. जमीन अधिग्रहण कानून की आड़ में किसानों की जमीनें लेकर कालोनाइजरों को देने का भी जिक्र है. इससे पहले बंसल की दो किताबें हरियाणा के लालों के सबरंगे किस्से तथा खोजी पत्रकारिता क्यों और कैसे काफी चर्चित हो चुकी हैं.

समारोह में हरियाणा, दिल्ली तथा चंडीगढ़ से आए सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों तथा विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: