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साध्वी प्रज्ञा के प्रति यौन आकर्षण के चलते हुयी थी संघ प्रचारक जोशी की हत्या..

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संघ प्रचारक सुनील जोशी की साल 2007 में हुयी हत्या के सिलसिले में जांच करने वाली राष्ट्रीय  जांच एजेंसी(एनआईए)  की टीम ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है. एनआईए के अनुसार हत्या की वजह जोशी के साध्वी के प्रति यौन आकर्षण हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी मामले में अगले हफ्ते चार्जशीट दाखिल करने वाली है और इसमें साध्‍वी का नाम बतौर आरोपी शामिल किया जा सकता है. मध्य प्रदेश पुलिस देवास में साध्वी का नाम 2008 के मालेगांव बम धमाकों के आरोपी के तौर पर पहले ही दर्ज आकर चुकी है.2014_1image_10_37_562476000prgya-ll

एनआईए ने कहा कि जोशी का प्रज्ञा ठाकुर के प्रति तीव्र यौन आकर्षण था जो उनकी मौत की वजह बना. इसके अलावा आतंकी योजनाओं में राजदार होना भी उनके खिलाफ गया. एनआईए मामले में जो चार्टशीट दाखिल करने वाली है उसमें इस बात का जिक्र हो सकता है कि अजमेर ब्‍लास्‍ट के बारे में जोशी द्वारा जानकारियों को सार्वजनिक करने से रोकने के लिए प्रज्ञा ने आनंदराज कटारिया को करीब 10 दिनों तक अपने घर में रखा था. गौरतलब है कि देवास पुलिस ने कटारिया को आरोपी बनाया था, लेकिन जोशी मर्डर मामले में एनआईए की अंतिम लिस्‍ट में उनका नाम शामिल नहीं किया गया था.

जोशी हत्या मामले में मालेगांव ब्लास्ट से सम्बंधित गिरफ्तारियों के बाद साल 2011 में नया मोड़ आया जब मध्य प्रदेश के महू से गिरफ्तारिय हुयी और देवास पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की. एनआईए गिरफ्तार किए गए चार लोगों- राजेंद्र चौधरी, लोकेश शर्मा, जीतेंद्र शर्मा (भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता) और बलबीर सिंह को अब प्रज्ञा ठाकुर के साथ जोशी हत्‍याकांड मामले में आरोपी बनाएगी. जांच एजेंसी का दावा है कि राजेंद्र और लोकेश ने ही 29 दिसंबर 2007 की रात जोशी का कत्‍ल किया था. जीतेंद्र शर्मा ने इसके लिए पिस्‍तौल मुहैया कराई थी और बलबीर सिंह ने इसे छिपाया था. यही नहीं एनआईए के अनुसार लोकेश, राजेंद्र और जोशी एक बड़ी साजिश रच रहे थे और मुसलमानों को निशाना बनाने की फ़िराक में थे.

 

 

 

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