कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

हत्यारी बहनों को फांसी, पहली बार महिला को मिली ये सजा..

2
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

दो बहनें, जिन्होंने तेरह बच्चों को अगवा कर के उनसे जेब कतरों का काम करवाया और फिर मौत के घाट उतार दिया, भारत में फांसी की सजा पाने वाली महिलाएं बनेंगी.रेणुका शिंदे और सीमा गावित भारत में पहली बार फांसी की सजा पाने वाली महिलाएं हैं जिन्हें तेरह बच्चों की जघन्य सीरियल किलिंग के मामले में दोषी पाया गया है. इन्हें तेरह हत्याओं और दस अपहरण का दोषी पाया गया है. साल 2001 में पकडे जाने के तरह साल बाद ये फैसला आया है. इन्हें राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका ख़ारिज किये जाने के बाद पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी जाएगी.anjanabai-nov19-1996

इस  फैसले ने उन घटनाओ की याद ताज़ा कर दी है जिसमें इन दोनों ने हत्याओं की झड़ी लगा दी थी. इनमें एक दो वर्षीया बालक की बिजली के खम्भे पर पटक कर की गयी निर्मम हत्या भी है.

हत्या के सिलसिले  सिलसिले शुरू करने वाली बहने उस वक़्त खुद भी बालिग नहीं थीं. उनकी उम्र 15 और 17 साल थी. इन्हें इनकी माता के द्वारा अपराध की दुनिया में जोड़ा गया था और ये सभी मिल कर महाराष्ट्र की छोटे शहरों में जेब काटने का काम किया करती थी. इसके बाद ये पुणे, नासिक, कोल्हौर आदि बड़े शहरों में जा कर जेब काटने लगी और यही पर उन्होंने बच्चे अगवा करने का काम शुरू किया. इन बहनों का आखिरी शिकार इनकी माँ की बनाई योजना का शिकार था. जिसे  इन्होने बदला लेने के मकसद से अपने पिता, जिसने इनकी माँ के कारनामों से दुखी हो कर उसे त्याग कर दूसरी महिला से विवाह कर लिया था, के नौ वर्षीया बच्चे को अगवा कर के क़त्ल कर दिया था. इसके बाद पीड़ित महिला के शक ज़ाहिर करने पर इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया जहां कुछ समय बाद जेल में इनकी माँ अंजनाबाई की मौत हो गयी थी.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

2 Comments

  1. Deepak Sengupta on

    हत्यारी बहनों को फांसी, पहली बार महिला को मिली ये सजा

  2. Deepak Sengupta on

    हत्यारी बहनों को फांसी, पहली बार महिला को मिली ये सजा

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: