/इंटरनेट पर लव, शादी फिर मिला धोखा, दर दर भटक रही है युवती न्याय के लिए

इंटरनेट पर लव, शादी फिर मिला धोखा, दर दर भटक रही है युवती न्याय के लिए

इंटरनेट पर लव, शादी, सेक्स और धोखा देने का मामला सामने आया है। धोखे की शुरुआत इंटरनेट पर चेटिंग से हुई फिर कई मुलाकातें भी हुईं। तसल्ली होने पर ही एनआरआई युवती ने युवक से शादी की, लेकिन अंजाम पति का धोखा मिला। अब यह युवती न्याय के लिए भटक रही है। धोखा खाने वाली युवती भारतीय मूल की है और फिलहाल मस्कट की रहने वाली है  और युवक गाजियाबाद का रहने वाला है।

इस संबंध में पीड़ित युवती मृणालिनी ने एसएसपी से मिलकर अपने साथ हुए धोखे की शिकायत दर्ज कराई है। युवती का कहना है कि उसे पति के घर में प्रवेश दिलाया जाए और पति पर इस बात के लिए पर्याप्त दबाव डाला जाए कि वह उसे साथ रखने के लिए तैयार हो जाए। एसएसपी युवती को भरोसा दिलाया है कि उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी। मस्कट की रहने वाली युवती मृणालिनी की कुछ माह पूर्व इंटरनेट के माध्यम से गाजियाबाद के युवक पुलित से मुलाकात हुई। इंटरनेट पर चेटिंग के दौरान दोनों करीब आए।

यह करीबी प्यार और बाद में मुलाकात में तब्दील हुई। मृणालिनी का कहना है कि वह गाजियाबाद आकर कई बार पुलित से मिली थी। कई मुलाकातों के बाद दोनों ने आपसी रजामंदी से एक होने का फैसला किया। पिछले महीने 16 अगस्त को मृणालिनी और पुलित ने गाजियाबाद कोर्ट में शादी भी कर ली। शादी के कुछ दिन बाद ही पुलित ने मृणालिनी को घर में ही रखने से इंकार कर दिया। बार-बार की मुलाकात के बाद भी पुलित मृणालिनी को घर में रखने को तैयार नहीं हुआ, तो वह रविवार की रात पुलित के घर के बाहर धरने पर बैठ गई। इस दौरान किसी तरह मौका पाकर पुलित परिवार समेत घर से फरार हो गया। इस पर निराश-हताश मृणालिनी ने एसएसपी से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.