कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

सोनिया ने कहा कि नकली सपने दिखाने वालों को मिली जीत..

1
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नई दिल्ली. दिल्ली में आज कांग्रेस के संकल्प सम्मेलन के दौरान कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. सोनिया ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि हमारी योजनाओं को ही सरकार घोषित कर रही है और उसका श्रेय ले रही है.sonia

सोनिया ने यूपीए के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस ने ही काम किया, गरीबों के लिए हमारी सरकार ने काम किया.

बीजेपी पर वार करते हुए सोनिया ने कहा कुछ लोगों ने झूठ का ऐसा जाल बिछाया कि जनता उसमें फंस गई. लोगों से झूठे वादे करके एनडीए की जीत हुई. अपनी हार पर सोनिया ने कहा कि जीत-हार राजनीति का हिस्सा है और हम एक बार फिर वापसी करेंगे.

सोनिया ने कहा कि एनडीए जो बड़े-बड़े वादे किए हैं वो हकीकत में नहीं बदल पाएंगे.

आज राजीव गांधी के जन्मदिन के मौके पर तालकटोरा स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में सोनिया ने पार्टी की उपलब्धियां गिनाई. सोनिया ने कहा कि हम महिला आरक्षण के लिए सरकार पर दबाव डालेंगे और महिलाओं के हक के लिए लड़ेंगे.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. कोई उपाय नहीं , हताश व्यक्ति से और क्या सुना जा सकता है साठ साल तक आपके वादे क्या थे ?महिला सशक्तिकरण अब याद आ रहा है? पहले क्यों नहीं कुछ किया?रही नीतियों की बात तो ये सब तो जनहित की सामान्य बातें हैं इनपर आप फिसड्डी रहे तो अब अगर वे पूरा कर रहें हैं तो तकलीफ किस बात की है दो माह में ही सब कुछ करा लेना चाहती हैं सत्ता सुख से वंचित होने की बैचेनी इन बयानों से साफ़ झलकती है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: