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AIIMS के मुख्य सतर्कता अधिकारी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ने के कारण समय से पहले हटाया..

By   /  August 21, 2014  /  No Comments

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नयी दिल्ली, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) संजीव चतुर्वेदी को उनके पद से हटा दिया गया है. उनका कामकाज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव और सीवीओ को सौंपा गया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि संजीव को ईमानदारी का फल मिला है.

डेमो चित्र

बताया जाता है कि संजीव ने भ्रष्‍टाचार के कई मामलों पर मोरचा खोल रखा था और उसपर कार्रवाई भी किया जा रही थी. लेकिन अचानक हटाये जाने से संजीव काफी हताश हैं. उन्‍होंने तीन महीने के लिए छुट्टी में जाने के लिए अर्जी दे दी है.

इधर इस मामले में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला शुरू हो गया है. एनडीए सरकार ने घोषणा कि थी कि एम्‍स के सीवीओ को हटाने या ट्रांस्‍फर करने के पहले पीएमओ से आदेश लेना होगा. इसका साफ मतलब है कि मोदी के नाक के नीचे से ही यह कार्रवाई की गयी है. अब सवाल है कि नरेंद्र मोदी जहां भ्रष्‍टाचार से लड़ने की बात करते हैं वहीं एक साफ छवि वाले अधिकारी को हटाया जा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी के साथ एम्स, नयी दिल्ली के सीवीओ का कामकाज तत्काल प्रभाव से तीन महीने की अवधि के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव और सीवीओ को सौंपने का फैसला किया गया है. हरियाणा कैडर के 2002 बैच के वन सेवा के अधिकारी चतुर्वेदी का कार्यकाल जून, 2016 में पूरा होता.

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  • Published: 3 years ago on August 21, 2014
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  • Last Modified: August 21, 2014 @ 11:25 am
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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