/दिल्ली दुष्कर्म पर जेटली के बयान ने खड़े कर दिए विवाद

दिल्ली दुष्कर्म पर जेटली के बयान ने खड़े कर दिए विवाद

राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली के भाषण के एक अंश को लेकर विवाद हो गया है. खराब कानून-व्यवस्था किस तरह से पर्यटन को नुकसान पहुंचाते हैं, इसका जिक्र करते हुए उन्होंने गुरुवार को कहा कि कैसे दिल्ली में रेप की एक छोटी घटना (निर्भया गैंग रेप कांड) को दुनिया भर में प्रचारित किया गया और देश को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ. वित्त मंत्री के इस बयान को आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की.Arun Jaitley

बयान पर विवाद बढ़ता देख शुक्रवार को अरुण जेटली ने इस पर सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे बयान को गलत तरीके से समझा गया. रेप की घटना को छोटी घटना बताने की मंशा नहीं थी. मैंने दिल्ली में क्राइम से हो रहे नुकसान के बारे में बोला था. मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था. इसके बावजूद अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे इसके लिए खेद है.’

दरअसल, वित्त मंत्री सम्मेलन में कह रहे थे कि कम टैक्स और महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता के स्तर पर दो ऐसे मुद्दे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग में जान फूंकी जा सकती है. इसी दौरान जेटली ने कहा, ‘पर्यटन देश को आर्थिक तौर पर मजबूत करने का एक माध्यम है. अगर पर्यटन उद्योग पर ज्यादा टैक्स लादे गए तो पर्यटकों की संख्या घटेगी और राजस्व का नुकसान होगा.’

कानून- व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बलात्कार की छोटी घटना को दुनिया भर में प्रचारित किया गया और करोड़ों का नुकसान पहुंचा. पर्यटन मंत्रियों के इस सम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि पर्यटकों खासकर महिला पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ‘मैं महिलाओं की इज्जत करता हूं’ नाम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

अरुण जेटली के बयान पर आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए ट्विटर पर कहा, ‘मोदी जी, आप तो भाषण देते थे कि रेप की घटना से आपका माथा शर्म से झुक जाता है. अब जेटली जी की हरकत से आपको कुछ शर्म आती है क्या?’ सिसोदिया ने मांग की है कि जेटली के इस बयान पर प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए. निर्भया की मां ने कहा कि वित्त मंत्री ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, मैं बहुत निराश और दुखी हूं.

कांग्रेस ने भी अरुण जेटली के बयान की निंदा की. कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा, ‘अरुण जेटली का यह बयान बेहूदा और शर्मनाक है. यह बीजेपी के तमाम नेताओं की महिलाओं के प्रति सोच को दर्शाता है. अरुण जेटली को अपने इस घटिया बयान पर देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए.’ राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य निर्मला सावंत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हैरान करने वाला बयान है, इसकी हर स्तर पर निंदा होनी चाहिए.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.