/इरोम शर्मिला फिर से गिरफ्तार..

इरोम शर्मिला फिर से गिरफ्तार..

इम्फाल. चौदह साल जेल में विचाराधीन कैदी बतौर गुजारने के बाद दो दिन पहले ही अदालती आदेश पर रिहा हुई ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट इरोम शर्मिला को एक बार फिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. sharmila
इरोम 14 सालों से आर्म्ड फॉर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट का विरोध कर रही हैं. AFSPA को निरस्त करने की मांग के लिए उन्होंने इम्फाल में अपना अनशन फिर शुरू कर दिया. गौरलतब है कि उन्हें इम्फाल ईस्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहा किया गया था.

जब पुलिस ने इरोम को धरने वाले स्थान पर पहुंचकर गिरफ्तार किया, तो उनकी मां ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया. रिहाई के बाद इरोम ने मेडिकल जांच कराने से मना कर दिया था. कोर्ट ने उनकी रिहाई पर राज्य सरकार को आदेश दिया था कि इरोम के स्वास्थ की जिम्मेदारी आपकी है अगर जरूरी हो तो उन्हें ट्यूब से खाना खिलाया जाए, लेकिन अपनी मांग पर अड़ी इरोम ने मेडिकल जांच और अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.