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SC ने केंद्र सरकार से पूछा बिना नेता विपक्ष कैसे नियुक्त होगा लोकपाल..

By   /  August 22, 2014  /  1 Comment

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लोकसभा का नेता विपक्ष का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. लोकपाल की नियुक्ति को लेकर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. उसने 4 हफ्तों के अंदर जवाब मांगा है.Supreme_Court_of_India

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकपाल की चयन प्रक्रिया में नेता विपक्ष का पद अहम है, इसलिए सरकार को नेता विपक्ष पर विचार करना चाहिए. अगर सरकार नेता विपक्ष के विवाद को सुलझाने में नाकाम रहती है, तो वो निर्णायक फैसला सुना सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से दो सवाल पूछे
1. सरकार लोकपाल कानून को किस तरह से लागू करने जा रही है?
2. लोकपाल के पैनल की नियुक्ति के लिए मौजूदा कानून के तहत नेता विपक्ष का होना जरूरी है. अगर नेता विपक्ष नहीं है तो ऐसी स्थिति में वो किस तरह से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है.

नेता विपक्ष की अहमियत का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पद सदन में सरकार के अलावा दूसरे पक्ष की बात सामने रखता है. लोकपाल की नियुक्ति में भी नेता विपक्ष की भूमिका अहम है इसलिए सरकार को इस पर विचार करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि 9 सिंतबर को इस मामले पर आखिरी सुनवाई होगी. नेता विपक्ष मुद्दे और लोकपाल बिल को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जा सकता.

आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी का मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाया था.

आपको बता दें कि 9 सदस्यों वाले लोकपाल की नियुक्ति एक पैनल द्वारा की जाएगी. प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर के अलावा लोकसभा के नेता विपक्ष भी इस पैनल में हैं. कांग्रेस विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते नेता विपक्ष के पद का दावा करती रही है लेकिन स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इसे खारिज कर दिया. दलील दी गई कि इस पद के लिए कम से कम 55 सदस्यों की जरूरत पड़ती है, पर कांग्रेस के सिर्फ 44 सांसद हैं.

 

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  • Published: 3 years ago on August 22, 2014
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  • Last Modified: August 22, 2014 @ 8:04 pm
  • Filed Under: देश

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. S.K.Akela says:

    jaisa Modiji chahenge banega Lokpal.Lokpal ke boss bhi honge Modiji hi?

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