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LOC पर ब्रिगेडियर ने अपने सहायक से किया कुकर्म..

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास तैनात एक ब्रिगेडियर पर अपने सहायक से कथित रूप से कुकर्म करने के मामले में उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है.loc

सहायक को पहले बैटमैन के रूप में जाना जाता था जो नियमित लड़ाकू सैनिक हैं और अधिकारियों के सरकारी कामकाज में सहयोग के लिए उन्हें रखा जाता है. लेकिन इस प्रणाली को खत्म करने की मांग है क्योंकि उनका कथित रूप से दुरूपयोग घरेलू कार्यों के लिए किया जाता है.

ब्रिगेडियर एलओसी के पास पुंछ सेक्टर में सैनिकों के कमांडर हैं और संवेदनशील इलाकों के प्रभारी हैं जहां अक्सर पाकिस्तानी युद्धविराम उल्लंघन होता है.

सूत्रों ने बताया कि उनके व्यवहार के बारे में शिकायत मिलने के बाद ब्रिगेडियर को कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के लिए एक इन्फैन्ट्री डिविजन में भेज दिया गया है.

7/8 गोरखा राइफल्स के ब्रिगेडियर ने कहा कि उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजा गया है विशिष्ट सेवा मेडल और दो अन्य मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर अभी हाल तक आर्मी हेडक्वार्टर में कर्नल के पद पर तैनात था.

सेना मुख्यालय ने कहा कि इस तरह की एक घटना प्रकाश में आई है और इस मामले में जांच जारी है. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं और अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है क्योंकि सशस्त्र बलों में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है.

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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