/‘डेटिंग नेकेड’ विवादों के घेरे में, नग्न दिखाने पर मॉडल ने 60 करोड़ का मुकदमा ठोका..

‘डेटिंग नेकेड’ विवादों के घेरे में, नग्न दिखाने पर मॉडल ने 60 करोड़ का मुकदमा ठोका..

रियलिटी टीवी शो ‘डेटिंग नेकेड’ एक बार फिर से विवादों में है. अपने फॉरमेट को लेकर विवदों में रहे इस शो पर एक कंटेस्टेंट ने करोड़ों रुपये का मुकदमा ठोंक दिया है. शो की प्रतिभागी मॉडल जेसी नीजविट्ज (28) का आरोप है कि उनके एक न्यूड सीन को बिना ब्लर किए प्रसारित कर दिया गया और यह उनके साथ धोखा है. मॉडल ने वीएच-1 चैनल पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी वायकॉम के साथ ही प्रोडक्शन कंपनी फायरलाइट एंटरटेनमेंट और लाइटहार्टेड एंटरटेनमेंट को मामले में आरोपी बनाया है.dating-naked

dating-naked1विदेशी न्यूज वेबसाइट ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ‘डेली मेल’ की खबर के मुताबिक, जेसी ने बताया कि शो की शूटिंग मई में हुई थी. डेट के दौरान उन्होंने WWE स्टाइल में नेकेड कुश्‍ती की थी, जिसे 31 जुलाई को शो के तीसरे एपिसोड में प्रसारित किया गया. जेसी का आरोप है कि शो के प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि प्रसारण के दौरान उनके प्राइवेट पार्ट्स को ब्लर कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. मॉडल ने चैनल पर 60 करोड़ रुपये का मुकदमा ठोंका है.

जेसी कहती है, ‘मैं ठगी सी महसूस कर रही थी. मुझसे झूठ बोलकर चालाकी से काम निकलवाया गया. मेरा इस्तेमाल किया गया.’ गौरतलब है कि एपिसोड के टेलिकास्‍ट होने के बाद यूट्यूब, ट्विटर और टंबलर पर भी जेसी का खूब मजाक बनाया गया.

बता दें कि ‘डेटिंग नेकेड’ में प्रतियोगी बिना कपड़ों के रहते हैं. जेसी शो के जिस सीन को लेकर विरोध कर रही हैं, उसमें उनसे डेट कर रहा शख्स समंदर किनारे रेत पर फुटबॉल फेंकता है और दोनों आपस में रेसलिंग करना शुरू कर देते हैं. जेसी का कहना है कि उनके माता-पिता और दादी ने भी यह सीन देखा है. शो ने उन्हें शर्मसार कर दिया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.