कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि इस्लाम में ‘लव जिहाद’ के लिए कोई जगह नहीं..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

लखनऊ, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा कि मुल्क में विवाह के लिए हिंदू धर्म को मानने वालों के धर्मान्तरण की कोई मुहिम (लव जिहाद) नहीं चल रही है. धर्मगुरुओं ने कहा कि भगवा दल ने सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह शिगूफा छोड़ा है.love-jihad

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने कहा कि इस्लाम में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई चीज नहीं है. वह किसी को जबरन या भावनात्मक रूप से मजबूर करके धर्मान्तरित करने की इजाजत नहीं देता. ऐसे जिहाद की बातें सिर्फ नफरत फैलाने की साजिश का हिस्सा हैं. ‘लव जिहाद’ का मुद्दा कोई नया नहीं है.

इससे पहले वीएचपी ने भी इसके जरिए मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश की थी. अब बीजेपी इस मुद्दे को भुनाना चाहती है. हिन्दू और मुस्लिम कौमों को इसके खिलाफ खड़े होकर लड़ना चाहिए.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि लव जिहाद जैसी कोई तहरीक (आंदोलन) मुसलमानों की तरफ से नहीं चल रही है. शादी के लिए धर्मांन्तरण के इक्का-दुक्का वाकयात हुए हैं, उससे पूरे समुदाय को कठघरे में खड़ा करना गलत है. लव जिहाद मिथ्याप्रचार है. हम समझते हैं कि सियासी लाभ लेने के लिए इसे मुद्दा बनाया जा रहा है जो हिन्दुस्तान के सर्वधर्म समभाव को कमजोर करता है. उन्होंने कहा कि हम इस बात के खिलाफ हैं कि कोई मुस्लिम लड़का या लड़की किसी गैर मुस्लिम का धर्मान्तरण करवाकर उससे शादी करे.

मथुरा में बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाया गया था. पार्टी नेताओं ने मुस्लिम लड़के-लड़कियों द्वारा शादी के नाम पर दूसरे मजहब के युवक-युवतियों का धर्मान्तरण कराने की मुहिम चलने और प्रदेश सरकार पर उसे संरक्षण देने के आरोप लगाए थे. पार्टी ने हालांकि इसे अपने प्रस्ताव में शामिल नहीं किया है.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

%d bloggers like this: