Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

कुमार विश्वास उवाच: भाजपा ने मुझे दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने की पेशकश की थी. .

By   /  August 30, 2014  /  2 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-ऋतिका चोपड़ा||

नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुमार विश्वास ने दावा किया है कि बीजेपी ने उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने की पेशकश की थी. कुमार विश्वास के मुताबिक, उन्हें यह भी बताया गया था कि ‘आप’ के 12 विधायक जो चुनाव नहीं चाहते हैं, वे उन्हें बतौर सीएम समर्थन देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, बीजेपी ने उनके दावों बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है.kumar_vishwas

जानकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के तीन दिन बाद कुमार विश्वास के गाजियाबाद स्थित मकान में 19 मई को दिल्ली से पहली बार सांसद बने एक नेता ने मुलाकात की थी. इसकी पुष्टि करते हुए विश्वास ने बताया, ’19 मई को रात साढ़े दस बजे बीजेपी एक सांसद मेरे घर आए थे. वह सुबह साढ़े तीन बजे तक मुझे समझाते रहे कि मुझे बीजेपी को सरकार बनाने में मदद करनी चाहिए. उन्होंने मुझे यह भी कहा कि वे लोग मुख्यमंत्री के रूप में मेरा समर्थन करने को तैयार हैं.’
‘आप’ नेता ने दावा किया कि मिलने वाले सांसद का कहना था कि वह बड़े नेताओं के आदेश पर आए हैं और अगर मैं तैयार हो जाता हूं तो इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए अशोका होटेल ले जाएंगे और ‘सही आदमी’ से मिलवाएंगे. कुमार विश्वास का कहना है कि मैंने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और तुरंत पार्टी को इसकी सूचना दी. उन्होंने सांसद का नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि उनसे मेरे व्यक्तिगत संबंध हैं.

इकनॉमिक टाइम्स से तो विश्वास ने सांसद का नाम नहीं लिया, लेकिन सुबह टीवी चैनलों में उनसे कथित तौर पर मिलने वाले नेता का नाम आना शुरू हो गया. हालांकि, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने इस तरह की किसी पेशकश की बात लेकर मिलने के दावे से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि कुमार विश्वास मेरे मित्र हैं, लेकिन हमारी पार्टी में मुख्यमंत्री का फैसला मैं नहीं कर सकता है. इसलिए, इन बातों का कोई आधार नहीं है.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने विश्वास के दावे को बेबुनियाद करार दिया. उन्होंने सवाल किया, ‘कुमार विश्वास या उनकी पार्टी तीन महीने 11 दिन तक चुप क्यों बैठे रहे? भला, दिल्ली में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी कुमार विश्वास को सीएम बनने का ऑफर क्यों देगी?’ बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव आर. पी. सिंह कहते हैं कि वह अब क्यों इसके बारे में बात कर रहे हैं? सिंह ने कहा, ‘मैं भी दावा कर सकता हूं कि अरविंद केजरीवाल मेरे घर आए और मुझे मुख्यमंत्री पद की पेशकश की. यह खबरों में बने रहने का तरीका है. उन्हें सांसद का नाम बताना चाहिए.’

कुमार विश्वास दिल्ली से विधायक नहीं हैं. उन्होंने अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन बुरी तरह हारे और जमानत भी नहीं बचा पाए. नियम के मुताबिक, कोई भी ऐसा शख्स जो विधायक नहीं है मुख्यमंत्री तो बन सकता है लेकिन छह महीने के भीतर चुनाव लड़कर विधायक बनना होगा. 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में ‘आप’ के 27 और बीजेपी के 28 विधायक हैं. बीजेपी के तीन विधायकों के सांसद बनने से तीन सीटें फिलहाल खाली हैं.

(ईटी)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 3 years ago on August 30, 2014
  • By:
  • Last Modified: August 30, 2014 @ 12:59 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. कुमार विश्वास को कुछ ज्यादा ही आत्म विश्वास हो गया , मनोज तिवारी ने तो खंडन कर ही दिया, फिर भी अगर वे यह कहतें हैं तो खुद विश्वास ही देखें कि तिवारी की ओकात ही क्या है?भा ज पा में शायद अभी तो नेताओं का अकाल नहीं आया है , विश्वास को हामी भर देनी चाहिए थी , इस से होता ये कि भा ज पा की तो पोल खुल जाती व उनका कद बढ़ जाता , केजरीवाल के बाद , एक बार आप नेता फिर गलती कर गए

  2. कुमार विश्वास को कुछ ज्यादा ही आत्म विश्वास हो गया , मनोज तिवारी ने तो खंडन कर ही दिया, फिर भी अगर वे यह कहतें हैं तो खुद विश्वास ही देखें कि तिवारी की ओकात ही क्या है?भा ज पा में शायद अभी तो नेताओं का अकाल नहीं आया है , विश्वास को हामी भर देनी चाहिए थी , इस से होता ये कि भा ज पा की तो पोल खुल जाती व उनका कद बढ़ जाता , केजरीवाल के बाद , एक बार आप नेता फिर गलती कर गए

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

भाजपा के लिए चित्रकूट ने किया संकटकाल का आग़ाज़..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: