/वीडियो एलबम की हीरोइन भंवरी की मौत के पीछे वजह थी मंत्री के साथ बनी उसकी सीडी..?

वीडियो एलबम की हीरोइन भंवरी की मौत के पीछे वजह थी मंत्री के साथ बनी उसकी सीडी..?

 

राजस्थान में एएनएम भंवरी देवी की हत्या बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। वह 1 सितंबर से लापता थी। बुधवार को झांसी के पास उरई में जमीन के अंदर से उनकी लाश मिली। अफवाह थी कि राज्य की कांग्रेस सरकार के एक मंत्री और एक विधायक के साथ आपत्तिजनक हालत में उनकी सीडी बनी हुई है। एक हफ्ते पहले जोधपुर गए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीडी के बाबत पूछे जाने पर कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन भंवरी देवी के पति ने सीधे तौर पर एक मंत्री का नाम लिया है।

उसके बाद विपक्षी दल भाजपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए हैं। आरोपी विधायक और मंत्री के नाम सार्वजनिक करने की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जयपुर और जोधपुर में प्रदर्शन किया। मंगलवार को कुछ स्थानीय नेताओं और नट समुदाय के सदस्यों ने जोधपुर में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। भंवरी इसी समुदाय से थीं।

भंवरी के पति अमरचंद राजनट ने मंगलवार को मीडिया के जरिए आरोप लगाया था कि उनके ऐतराज के बावजूद पीएचईडी और जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा  उनकी पत्नी को फोन किया करते थे। अमरचंद के मुताबिक, ‘मैं मंत्री को बार-बार मना करता था कि मेरी पत्‍नी को फोन मत किया करे, लेकिन महिपाल कहते थे कि भंवरी देवी ने उन्हें फोन किया था।’ मदेरणा ने मंगलवार को इस आरोप पर टिप्पणी करने से मना कर दिया था। अमरचंद का कहना है कि वह और उनके बच्चे डर के साये में हैं। उनके घर पर पुलिस भी मौजूद है।

बेशकीमती परफ्यूम और लग्जरी कार की शौकीन थी भंवरी

जोधपुर के जालीवाड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्जीलियरी नर्स एंड मिडवाइफ (एएनएम) के पद पर कार्यरत भंवरी देवी स्थानीय लोक-देवताओं समेत कई तरह के विषयों पर तैयार एल्बमों में काम कर चुकी थी। मसलन, कुंवर वीर तेजा, राम भरोसे गाड़ी और नहीं जाउं सासरिए। भंवरी के पास जोधपुर में आलीशान मकान और बोरूंदा में भी दो मंजिला मकान था।

36 साल की भंवरी तीन बच्चों की मां थी। वह लग्जरी कार से चलती थी, जिसके लिए उन्होंने ड्राइवर रखा हुआ था। उनके पति अमरचंद एक अन्य लग्जरी कार चलाते हैं। पुलिस ने उनकी गुमशुदगी के बाद जब उनके घर की तलाशी ली तो उनके कमरे से महंगे विदेशी स्प्रे वगैरह बरामद किए गए। भंवरी के बारे में बताया जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से टिकट लेने की कोशिश भी की थी।

 

(साभार-भास्कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.