/रमन सिंह के निजी सचिव ओपी गुप्ता ने फोन किया, नाम वापस ले लो, लाल बत्ती दिलवा दूंगा..

रमन सिंह के निजी सचिव ओपी गुप्ता ने फोन किया, नाम वापस ले लो, लाल बत्ती दिलवा दूंगा..

अंबेडकराईट पार्टी के राष्ट्रीय नेता को किया फोन..  प्रत्याशी रुपधर ने कहा, चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत..

-प्रतीक चौहान||

रायपुर, अंतागढ़ उपचुनाव में मतदान के लिए कुछ दिन ही बचे हैं। लेकिन रोजाना इस पूरे उपचुनाव को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे है। पहले कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम के नाम वापसी का पूरा ड्रामा हुआ और अब आंबेडकराईट पार्टी ने आरोप लगाया है।IMG_2400

पार्टी के राष्ट्रीय नेता नरेंद्र बंसोर ने प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता लेते हुए सीएम के निजी सचिव पर आरोप लगाया है कि श्री गुप्ता ने नाम वापसी के अंतिम दिन उन्हें दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक कई बार फोन किए और अंतागढ़ उपचुनाव में एक मात्र बचे निर्दलीय प्रत्याशी रुपधर पुड़ो को नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाया। नरेंद्र बंसोर का कहना है कि श्री गुप्ता ने फोन कर कहा कि सीएम की छवि काफी अच्छी है।

इसलिए भाजपा के प्रत्याशी को निर्विरोध जिताया जाए, इससे सीएम की छवि राष्ट्रीय स्तर पर और अच्छी हो जाएगी। श्री बंसोर के मुताबिक श्री गुप्ता ने फोन पर कहा कि अंबेडकराईट पार्टी का प्रत्याशी नाम वापस ले लेगा तो उसे किसी निगम मंडल या आयोग का अध्यक्ष बनाकर लाल बत्ती भी दिलवाई जाएगी। हालांकि, इस पूरे मामले की शिकायत अभी तक न तो अंबेडकराईट पार्टी और ने अभी तक नहीं की है। उनका कहना है कि वह इसकी शिकायत करने के मकसद से ही रायपुर आए है और जल्दी ही इस पूरे मामले से निर्वाचन आयोग को अवगत भी कराया जाएगा।

एक और बड़े नाम का खुलासा करुंगा
निर्दलीय प्रत्याशी रुपधर पुड़ो ने कहा कि कुछ दिनों में एक और बड़े नाम का खुलासा करेंगे जिन्होंने उन पर नाम वापसी के लिए दबाव बनाया था।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.