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वैदिक बोले थूकता हूँ संसद पर..

By   /  September 7, 2014  /  2 Comments

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अजमेर, हाफिज सईद का इंटरव्यू लेकर आलोचना झेल चुके बडबोले पत्रकार वेद प्रताप वैदिक ‘संसद पर थूकने’ का बयान देकर फिर विवादों में आ गए है. सांसदों और संसद को लेकर लेकर यह आपत्तिजनक बयान उन्होंने अजमेर लिटरेरी फेस्टिवल में दी है.

दरअसल, कुछ पत्रकारों ने उन्हें बताया कि मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से पाकिस्तान में मुलाकात को लेकर दो सासंद उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहते हैं.

इसपर उन्होंने कहा, ‘जिसे मैंने सत्य समझा है, उसके लिए मैं लड़ा हूं. कभी डरा नहीं हूं किसी के सामने कोई समझौता मैंने नहीं किया है. जब मुझे किसी ने कहा कि संसद में दो सांसदों ने मेरी गिरफ्तारी की मांग की तो मैंने कहा कि दो नहीं 100 भी नहीं, 543 सांसद भी अगर ‘सर्वकुमति’ से मेरी गिरफ्तारी का प्रस्ताव पारित करें और कहें कि डॉक्टर वैदिक को फांसी पर चढ़ओ तो मैं उस पूरी संसद पर थूकता हूं. मैं उनसे कहूं कि वे चूल्हें में जाएं, वे मूर्ख और बुद्धिहीन हैं. मैं उनकी बात को नहीं मानता.’

वैदिक ने आगे कहा कि यदि सरकार उन्हें जेल भेजना चाहती है तो वह तिहाड़ में अपने बगल में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को देखना चाहेंगे, क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ से बातचीत की थी. जो कि कारगिल में सैकड़ों जवानों की हत्या के दोषी माने जाते हैं.

वैदिक ने कहा, पाक आतंकी हाफिज सईद से सौ गुना ज्यादा खतरनाक परवेज मुशर्रफ है. भारत द्वारा कई बार शांति वार्ता के बाद भी मुशर्रफ ने देश को नुकसान ही पहुंचाया था. मैं कहना चाहता हूं कि मेरे साथ पूर्व पीएम मनमोहन को भी जेल में डाल दो. उन्होंने भी तो परवेज मुशर्रफ से बात की थी.

वैदिक ने कहा, ‘मैं हाफिज से मिला, प्रभाकरन से मिला और देशद्रोह फैलाने वाले न जाने कैसे-कैसे लोगों से मिला. मैं ऐसे तमाम लोगों से मिलना चाहूंगा जो भारत विरोधी हैं. ऐसी सोच का जन्म कहां से हुआ, यह उनसे बातचीत करके ही तो जाना जा सकता है.’

गौरतलब है कि बीती 2 जुलाई को पाकिस्तान के लाहौर में वैदिक ने हाफिज सईद से मुलाकात की थी जिसे लेकर उनकी तीखी आलोचना हुई थी.

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  • Published: 3 years ago on September 7, 2014
  • By:
  • Last Modified: September 7, 2014 @ 5:28 pm
  • Filed Under: मीडिया

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    वैदिक सठिया गए हैं , इस व्यक्ति का इलाज ये ही है कि इन्हें अनदेखा कर दिया जाये , कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वासी , आत्मभिमानी हो जाने के कारण उन का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है , उनकी जमीनी हकीकत सामने आने लगी है , उसे छिपाने के लिए वे कुछ भी अनर्गल बोल सकते हैं

  2. वैदिक सठिया गए हैं , इस व्यक्ति का इलाज ये ही है कि इन्हें अनदेखा कर दिया जाये , कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वासी , आत्मभिमानी हो जाने के कारण उन का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है , उनकी जमीनी हकीकत सामने आने लगी है , उसे छिपाने के लिए वे कुछ भी अनर्गल बोल सकते हैं

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