/सांई बाबा मुस्लिम नहीं बल्कि पुष्करणा ब्राह्मण थे..

सांई बाबा मुस्लिम नहीं बल्कि पुष्करणा ब्राह्मण थे..

सांई बाबा उर्फ बागमल थानवी.. सांई बाबा राजस्थान के.. फलोदी के होने मिले प्रमाण..  उनका पूरा परिवार फलोदी शहर में रहता है..

-महेश सोनी||

इसे साईं बाबा का फलौदी स्थित मकान बताया जा रहा है..

फलोदी, पूरे भारत में जहां सांई बाबा की जाति पर धार्मिक अखाड़ों में विवाद पैदा हो रहा है तथा मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियाँ हटाने का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं, इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है.

सांई बाबा के धर्म और जाति पर उठ रहे सवालों को लेकर बड़ी ही चौंकाने वाली बात सामने आई है.

फलोदी के एक पुष्करणा ब्राहम्ण थानवी परिवार का कहना है कि सांई बाबा का सही नाम बागमल थानवी है और उनके पिता का नाम हरिराम थानवी है. यहीं नहीं फलोदी में रहने वाले सेवानिवृत न्यायाधीश को नेपाली बाबा ने भी सांई बाबा के फलोदी के थानवी परिवार होने की बात कही थी.

Saibabaन्यायाधीश देवनारायण थानवी का कहना है कि नेपाली बाबा ने उनको इस बात की जानकारी दी थी कि सांई बाबा फलोदी के थानवी परिवार से संबंध रखते है.

गौरतलब है कि थानवी परिवार के लोगों के अनुसार तो फलोदी में उनका मकान भी है जो उनके पूर्वजों का है और आज खण्डहर में तब्दील हो गया है.

अगर सांई बाबा की पूरी जीवनी की बात फलोदी के थानवी परिवार के अनुसार कहें तो उनका कहना है कि सांई बाबा पहले से ही अपनी मां को कहते थे कि वे साधु बनेंगे और करीब 20 वर्श की आयु में वे गुमशुदा हो गए जिसके चलते उनके परिवार वाले सन् 1885-86 में मुम्बई से बागमल उर्फ सांई बाबा को ढूंढते नासिक पंहुचे. परिवार वालों ने बागमल उर्फ सांई बाबा को पहचान तो लिया लेकिन सांई बाबा ने अपने परिवार वालों को पहचानने से इनकार कर दिया .

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