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अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें गिरी, डीजल पर घाटा खत्म, चुनाव बाद कम हो सकते हैं दाम..

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पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार डीजल पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का घाटा खत्म हो गया है और आज से 35 पैसे प्रति लीटर का मुनाफा हो रहा है.74903

दरअसल, कच्चे तेल का दाम गिरने से डीजल पर तेल माकेटिंग कंपनियों की अंडर रिकवरी खत्म हो गई है. कंपनियां लगातार सरकार से डीजल पर सब्सिडी को खत्म करने की मांग कर रही हैं ताकि उनका नुकसान कम हो सके. डीजल की कीमतों में हर महीने 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी से डीजल बिक्री पर घाटा खत्म करने में मदद मिली है.

वहीं अब 7 साल बाद डीजल का दाम घटाने की तैयारी हो रही है. लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार डीजल के दाम अभी नहीं घटाएगी.

सूत्रों का कहना है कि 15 अक्टूबर तक डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा. हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों तक डीजल कीमतों की समीक्षा नहीं की जाएगी. वहीं तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल कीमतों में भी बदलाव नहीं किया है.

तेल मार्केटिंग कंपनियों के मुताबिक फिलहाल पेट्रोल कीमतों में बदलाव की जरूरत नहीं है. तेल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि अगर पेट्रोल कीमतों में अगर बदलाव होता तो बेहद कम होता.

हालांकि बीजेपी के एनर्जी सेल के हेड नरेंद्र तनेजा का कहना है कि डीजल पर घाटा खत्म होने के बाद सरकार को डीजल के दाम 50 पैसे प्रति लीटर घटाने चाहिए.

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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