/मंगल अभियान की सफलता: इसरो को मिल रही विश्व भर से बधाइयाँ…

मंगल अभियान की सफलता: इसरो को मिल रही विश्व भर से बधाइयाँ…

नई दिल्ली, पहले ही प्रयास में मार्स ऑर्बिटर मिशन अंतरिक्षयान को मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर लेने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से लेकर नासा तक, सभी ओर से इसरो के वैज्ञानिकों को बधाईयां मिल रही हैं.Mars_Orbiter_Mission_-_India_-_ArtistsConcept

राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि मंगलयान की सफलता के लिए इसरो के दल को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. देश को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व है. भारत के लिए इसे एक ‘ऐतिहासिक अवसर’ बताते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि वे पूरे देश के साथ मिलकर वैज्ञानिकों को उनकी सफलता के लिए सलाम करते हैं.

अंसारी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में और अधिक उंचाईयों को छूना और देश के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करना जारी रखेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना करने वाले संदेश में कहा कि यह उपलब्धि ‘भावी पीढ़ियों के लिए’ प्रेरणा का स्रोत होगी.
सोनिया गांधी ने कहा कि मंगलयान के साथ भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में जुटे विश्व के प्रमुख देशों में एक सम्मानजनक स्थान हासिल कर लिया है. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से एक देश के रूप में जो सफर हमने तय किया है, यह उसमें एक मील का पत्थर है.
उन्होंने कहा कि इसरो प्रमुख डॉक्टर के राधाकृष्णन के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के दल के ‘साहस, जुनून और कल्पना’ ने इस अभियान को सफल बनाया है.

हाल ही में लाल ग्रह के लिए अपना मेवेन अभियान भेजने वाली अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी भारतीय अतंरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को इस सफलता की बधाई दी है. नासा ने टवीट किया कि मेवेन का दल इसरो को उसके मंगल आगमन की बधाई देता है. मार्स ऑर्बिटर लाल ग्रह का अध्ययन कर रहे अभियानों से जुड़ गया. इसरो ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से आए इस संदेश के जवाब में ट्वीट किया है, ‘मेवेन दल का शुक्रिया.’ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसरो के प्रयासों के लिए उसकी सराहना की और कहा कि भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि वह मंगल की कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला एशियाई देश बन गया है.

चौहान ने ट्वीट किया, ‘जय हिंद. भारत मंगल की कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला एशियाई देश है, और वह भी पहले ही प्रयास में. वैज्ञानिकों को सलाम.’ उन्होंने कहा कि मंगल की कक्षा में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बनने के भारत के सपने का आज एक महत्वपूर्ण दिन है. मैं इसरो को अभियान के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं देता हूं. आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी इस उपलब्धि को भारत के लिए गर्व का विषय बताया. उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर ट्वीट किया, ‘इसरो को बधाई. हम सभी भारतीयों के लिए यह गौरव का क्षण है.’

इसी बीच, कांग्रेस के मुख्य सचिव दिग्विजय सिंह ने इसरो की सराहना के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज भी कसा. उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि क्या प्रधानमंत्री मानते हैं कि यह अभियान 100 दिनों में पूरा कर लिया गया है. दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ‘मंगलयान अभियान की सफलता में भागीदारी करने वाले सभी लोगों को बधाई. क्या मोदी को अभी भी लगता है कि यह 100 दिनों में हासिल किया गया है?’ आज प्रधानमंत्री ने इतिहास रचने के लिए भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की सराहना की थी.

मोदी ने कहा था कि दुश्वारियां हमारे सामने आईं क्योंकि ‘मंगल पर भेजे गए 51 में से महज 21 ही अभियान सफल हुए हैं’, लेकिन जीत हमारी हुई. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एमओएम को मंगल की कक्षा में स्थापित करना ‘वैश्विक प्रभाव वाली राष्ट्रीय उपलब्धि’ है. आजाद ने कहा कि यह हमारे वैज्ञानिकों के सतत परिश्रम और चिरस्थायी धर्य का नतीजा है. उन्होंने कहा कि एमओएम एक स्वदेशी कार्यक्रम है जिसका सफल विकास और प्रक्षेपण इसरो ने किया. कांग्रेस के नेता ने कहा कि हम इस असाधारण उपलब्धि के लिए इसरो के प्रतिभावान वैज्ञानिकों को सलाम करते हैं. हमें आप पर गर्व है. उन्होंने कहा कि यह देश के लिए जश्न का अवसर तो है ही, साथ ही यह उन नेताओं के लिए एक उपयुक्त जवाब भी है, जो यह दावा करते रहते हैं कि पिछले 60 सालों में कुछ हुआ ही नहीं है. लाल ग्रह की कक्षा में दाखिल होने के क्रम में गति को कम करने के लिए सुबह 7 बजकर 17 मिनट पर इसकी 440 न्यूटन लिक्विड एपोजी मोटर सक्रिय हो गयी. इसके साथ ही भारत के मार्स ऑेर्बिटर मिशन के नाम यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई कि उसने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली है.

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