कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे [email protected] पर भेजें | इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है। पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं। हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो। आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें -मॉडरेटर

आरओबी को लेकर ”जय हो” ने किया आमरण अनशन शुरू..

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

जन-गन-मन के साथ पांच सदस्यों ने किया अनशन शुरू.. चेयरमैन गीता पंडित ने अनशन पर बैठे सदस्यों का किया तिलक.. राजनैतिक, सामाजिक, व्यापारी एवं किसान संगठनों ने भी किया समर्थन.. मोजर बेयर कर्मचारी संगठन ने भी दिया समर्थन..

दादरी, 2 अक्टूबरः, दादरी रेलवे ओवर ब्रिज के जल्द निर्माण की मांग को लेकर जय हो सामाजिक संगठन ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार गुरूवार को गांधी जयंती के अवसर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया. इस दौरान संगठन के पांच सदस्यों ने दादरी तहसील के कंपाउंड में स्थित शहीद स्मृति स्थल पर जन-गन-मन के साथ अनशन की शुरूआत करी. वहीं नगर पालिका परिषद की चेयरमैन गीता पंडित ने शहर की प्रथम नागरिक एवं मातृ शक्ति के रूप में अनशन स्थल पर उपस्थित होकर पांचों अनशनकारियों का चंदन व रोली से तिलक किया. वहीं पूर्व राजस्व मंत्री रवि गौतम ने उन्हें फूल मालाएं पहनाते हुए अनशन की कार्यवाही शुरू करी.IMG_20141002_110540

जानकारी के लिए बता दें कि जय हो सामाजिक संगठन पिछले लंबे समय से आरओबी के इस मुददे पर आंदोलनरत है. जिसके तहत संगठन द्वारा पूर्व में जन जागरण अभियान, जागरूकता रैली समेत मौन उपवास जैसे कार्य क्रम भी किए हैं. लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासन एवं प्राधिकरण के अधिकारियों ने जनहित के इस मुददे पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया है. जिसके चलते जय हो संगठन के पांच सदस्यों को मजबूरन 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर आमरण अनशन शुरू करना पडा है. जोकि जनहित की इस लडाई को मुकाम तक पहुंचाने के लिए जारी रहेगा. इस दौरान चाहे संगठन के किसी भी सदस्य की जान क्यों ना चली जाए.

अनशन पर बैठने वालों में संगठन के अध्यक्ष योगेश नागर एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष याकूब मलिक, डा0 हर्ष भाटी, सुमित शर्मा एडवोकेट एवं इंजीनियर विकास भाटी शामिल हैं. इस अवसर पर चेयरमैन गीता पंडित ने कहा कि मेरे पति विजय पंडित ने समाज की सेवा करने का जो संकल्प लिया था. उसे में सभी शहरवासियों के सहयोग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं. इसी लिए शहर के विकास से संबंद्धित जो भी लडाई होगी मैं उसमें हर तरह से साथ हूं. आरओबी के इस मुददे पर आज जय हो संगठन ने एक अच्छी पहल की है. यदि प्राधिकरण अधिकारियों ने इन अनशनकारियों की आवाज को भी दबाने का प्रयास किया तो मैं स्वमं भी आंदोलन में कूदने से नहीं चूकुंगी. वहीं पूर्व राजस्व मंत्री रवि गौतम ने कहा कि शहर के मान सम्मान की इस लडाई को हर हाल में मुकाम तक पहुंचाया जाएगा. इसके लिए चाहे कोई कितनी ही बडी कुर्बानी क्यों ना देनी पडे. इसी तरह व्यापारियों की और से समर्थन देने पहुंचे वरिष्ठ भाजपा एवं व्यापारी नेता मनोज गोयल ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारी शहर के लोगों की इस समस्या को जानकर हल नहीं करना चाहते हैं. लेकिन इस लडाई को हर हाल में सफल बनाया जाएगा. जिसके लिए व्यापारी वर्ग भी पूरी तरह साथ है. जय हो कार्यकर्ताओं के इस आमरण अनशन को कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा0 महेंद्र नागर, बसपा नेता गजराज नागर, बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव सुशील भाटी एडवोकेट, प्रमेंद्र भाटी, एडवोकेट, समाजसेवी एच के शर्मा, फिरौज मौजीराम नागर पंडित पीतांबर शर्मा, किसान नेता रूपेश वर्मा, सुरेंद्र भाटी, सुनील फौजी समेत आम आदमी पार्टी एवं मोजर बेयर कर्मचारी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बडी संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन दिया. इस अवसर पर नवीन नागर, परमानंद, रविंद्र रौसा, नरेश पीलवान, विशाल नागर, आबिद सैफी, अमित भाटी, पवन कटारिया, मनोज तौंगड आदि लोग मौजूद थे.

Facebook Comments
Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं
Share.

About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Comments are closed.

%d bloggers like this: