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हरियाणा में चमत्कार-बीजेपी सरकार..

By   /  October 20, 2014  /  No Comments

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-नीर गुलाटी||
हरियाणा में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह की संघटनात्मक रणनीति और सघन प्रचार, आरएसएस के कार्यकर्ताओं का परिश्रम, प्रत्याशियों का धनबल, और बाबा के आशीर्वाद से बीजेपी ने हरियाणा में स्पष्ट बहुमत ले लिया है.Miracle-BJP government in Haryana

बाबा के आशीर्वाद को लेकर बहस होना जरूरी है. क्योंकि बाबा का डेरा सिरसा में है और सिरसा की पांच सीटों में से चार इनेलो ने जीती है और एक निर्दलिये ने. इनेलो पहले की तरह मुख्य विपक्षी पार्टी बनी हुई है, लेकिन उसने १२ सीटें गँवा दी हैं. पिछली बार उसके ३१ विधायक थे और इस बार 19 . कांग्रेस 15 विधायको के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
हरियाणा जनहित कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. मात्र कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी ही जीत पाई है, जबकि बड़े भैया चन्दर मोहन हार गए हैं. कुलदीप बिश्रोई की जीत से फिर एक बार साबित हो गया की आदमपुर से सिर्फ भजन लाल परिवार ही जीत सकता है, यहाँ मोदी लहर का कोई असर नही हुआ. पुण्डरी में फिर चौथी बार भी निर्दलीय विधायक ही जीता है.

झज्जर से कांग्रेस की शिक्षा मंत्री गीता भुकल ने चुनाव जीत कर परम्प रा का खंडन कर दिया हैं. हरियाणा में माना जाता है कोई भी शिक्षा मंत्री कभी दोबारा चुनाव नही जीता.
सबसे ज्यादा जीत का अंतर गुडगाँव में देखने को मिला (84 हजार) तो सबसे कम अंतर की जीत राय में कांग्रेस को मिली (मात्र 3 वोट)
सफीदों में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा चुनाव हार गई है. वहां भाजपाइयों ने हुरदङ्ग मचा दिया और दोबारा मतगणना हुई. उसके बाद वंदना शर्मा ने हार मानी. वो एक निर्दलिये प्रत्याशी से हारी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय यादव, बिजली और सिंचाई मंत्री, जो पिछले 6 बार से रेवाड़ी से चुनाव जीतते आ रहे थे इस बार हार गए है.
बसपा की पहले भी एक सीट थी और इस बार भी एक ही सीट मिली है. फर्क इतना है की पहले जगाधरी से वो जीती थी और अब पर्थिला विधान सभा खेष्तर से. बसपा के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार अरविन्द शर्मा भी चुनाव हार गए हैं.

हरियाणा में गोपाल कांडा और विनोद शर्मा ने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टियां बनाई थी लेकिन दोनों को कोई सफलता नही मिली. वो अपनी सीट भी नही बचा पाये.
मुख्यमंत्री के दौड़ में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शामिल हो गई है. उनका नाम भी सुर्ख़ियों में है.

हरियाणा में इस समय मुख्य बहस वृद्धावस्था पेंशन को लेकर हो रही है. क्योंकि भूपेंदर सिंह हुडा ने 1 नवमबर से पेंशन 1500 देने का वायदा किया था. बीजेपी ने घोषणा पत्र में 2000 करने का वायदा किया. अब बीजेपी दे पाती है या नही, यह बहस का और हो सकता है, आंदोलन का भी मुद्दा बने.

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  • Published: 3 years ago on October 20, 2014
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  • Last Modified: October 20, 2014 @ 11:34 am
  • Filed Under: राजनीति

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