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अफसरों ने खट्टर सरकार की फजीहत करवाई..

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-पवन कुमार बंसल||

पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को मनोहर लाल खट्टर के शपथ ग्रहण समारोह में निमंत्रण देनेके मामले में अफसरशाही ने खट्टर सरकार की बिना वजह फजीहत करवा दी.manohar-lal-khattar-swearing

हुड्डा का कहना है कि उन्हें समारोह में शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिला. जिस पर राज्य सरकार के एक सरकारी प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि उपायुक्त कार्यालय, रोहतक द्वारा हुड्डा व उनके सुपुत्र सांसद श्री दीपेन्द्र सिंह हुड्डा को रोहतक स्थित निवास स्थान पर 25 अक्तूबर, 2014 को निमंत्रण-पत्र भेजा गया था.

रोहतक के उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी द्वारा निमंत्रण पत्र 25 अक्तूबर, 2014 को दोपहर एक बजे दिया गया था. इसके अलावा शपथ ग्रहण समारोह में श्री हुड्डा के लिए मंच पर एक कुर्सी अलग से आरक्षित भी की गई थी. उन्होंने बताया कि चण्डीगढ एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए गणमान्य व्यक्तियों के नामों की सूची में श्री हुड्डा का नाम भी शामिल था. शपथ कार्यकर्म कई दिन पहले तय हो गया था. ऐसे में हूडा को कई दिन पहले निमंत्रण भेजा जाना चाहिए था. मुख्या सचिव शकुंतला जाखू जिन्हे हूडा ने एक्सटेंशन भी दी का फर्ज बनता था की वो हूडा को फ़ोन पर भी निमंत्रण देती. अफसर खट्टर को भी सलाह दे सकते थे कि वे खुद हूडा को फ़ोन करते. ऐसे में यदि हूडा समारोह में नहीं आते तो लोग उन्ही में कमी निकालते.

इसी बीच अफसरशाही कोमा में है. खट्टर ने अभी अपनी नयी टीम नहीं चुनी है. शायद मुख्यमंत्री ऑफिस में महत्वपूर्ण पदों की लोबिंग
के चलते ऐसे हो रहा है.  एक अफसर जिसने अशोक खेमका की रोबर्ट वढेरा के सौदे को कैंसिल करने के फैसले पर वढेरा को क्लीन चिट
देकर उलटे खेमका को ही कटघरे में खड़ा किया था, मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण पद पाने के लिए लॉबिंग कर रहा है. खट्टर ने एक बात अच्छी
की है की उन्हें बधाई देने गए अफसरो तथा अन्य लोगो से कोई गिफ्ट लेने के बजाये केवल पुष्प लिए. इसी बीच गुडगाँव के कोलोनाइजर परेशान है कि वे खट्टर को मुबारिक देने किस मुह से जाये.

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