/वसुंधरा की नाराजगी से कंपकंपाया भाजपा आलाकमान..

वसुंधरा की नाराजगी से कंपकंपाया भाजपा आलाकमान..

महारानी की सिर्फ एक भभकी ने भाजपा आला कमान को नत मस्तक कर दिया और लम्बे समय से अटके मंत्रीमंडल विस्तार की अनुमति दे दी.. गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी अपने खास म खास ओम माथुर को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे.. इसके चलते राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राजस्थान छोड़ केंद्र में आने का इशारा कई बार किया जा चुका था मगर महारानी इसके लिए कत्तई तैयार नहीं थी.. इस रस्साकशी के चलते राजस्थान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार लटका पड़ा था और सरकारी कामकाज भी कछुआ चाल से हो रहा था..vasundhra-raje-1

इस सब से परेशान हो वसुंधरा ने अपनी कमान तान कर सार्वजनिक मंचों से सीधे नरेंद्र मोदी पर हमला कर दिया.. जिसका नतीजा कुछ दिनों में ही सामने आ गया और राजस्थान में मंत्रीमंडल का विस्तार हो गया..

यहाँ एक ख़ास बात और बता दें कि नरेन्द्र मोदी को परिधान की समझ भी वसुंधरा राजे से मिली हैं.. याने कि उनकी परिधान गुरु वसुंधरा राजे है.. जब वसुंधरा राजे पहली बार राजस्थान की भाजपा अध्यक्ष बनी और चुनाव पूर्व परिवर्तन यात्रा के ज़रिये राजस्थान के चप्पे चप्पे तक पहुंची तो उस दौरान महारानी जिस इलाके में जाती थीं, वहां की स्थानीय वेशभूषा धारण करती थीं.. उनका ये फार्मूला कामयाब हुआ.. इसी फार्मूले को नरेंद्र मोदी ने आजमाया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.