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एमडीयू रोहतक तथा सांगवान ने जाट आरक्षण के लिए फर्जी डेटा बनाया..

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-पवन कुमार बंसल||
क्या एमडीयू, रोहतक तथा सांगवान ने जाट आरक्षण के लिए फर्जी फर्जी डेटा बनाया था. यह आरोप जाट आरक्षण को चुनौती देने वाले मुरारी लाल ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में लगाया है. अपने वकील पवन अंचिल तथा मुकेश वर्मा के माध्यम से दायर याचिका में आधा दर्जन लोगो के शपथ पत्र दिए है. जिनमे कहा गया है कि खजान सिंह सांगवान द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट में उनके फर्जी नाम शामिल किये हैं. जबकि उन्होंने कोई सर्वे नहीं किया था.Bhupinder-S-Hooda

याचिका में आरोप लगाया गया था कि सरकार ने जाटो को पिछड़ा साबित करने के लिए सर्वे करवाया था जिसके आधार पर उन्हें नौकरियों में आरक्षण दिया था. सर्वे का काम चंडीगढ़ की सस्ंथा क्रीड को सौंपा गया था लेकिन क्रीड ने भूपिंदर हुड्डा के दवाब में फर्जी सर्वे करने से इंकार कर दिया तब सरकार ने यह काम एमडीयू, रोहतक को सौंपा था. लेकिन भूपिंदर हुड्डा के चम्पू कुलपति ने काम रिटायर्ड प्रोफेसर खजान सांगवान को सौंप दिया.

याचिका में आरोप लगा था कि सांगवान ने अपने लाभ के लिए फर्जी डेटा तैयार किया. भूपिंदर हुड्डा रोहतक से लोकसभा चुनाव नॉन जाट वोट के समर्थन से जीतते रहे लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके दिल में जाटो का मसीहा बनने की इच्छा प्रबल हो गयी और वे कहने लगे कि वे जाट पहले है और मुख्यमंत्री बाद में है.

अजय कुमार ने शपथ पत्र में कहा है कि सांगवान द्वारा तैयार रिपोर्ट में उनका नाम फर्जी है, जबकि उन्होंने कोई सर्वे किया ही नहीं. इसी तरह भूप सिंह ने कहा है कि ग्राम विकास संगठन हिसार के निदेशक ने उन्हें सर्वे का काम सौंपा. जबकि उसे इसके लिए कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया. उन्होंने कुछ फार्म तो फील्ड में जाकर भरे लेकिन बाद में संस्था के निदेशक ने उन्हें कहा कि उन पर सरकार का दवाब है इसलिए बाकि फार्म संस्था के दफ़्तर में बैठ कर भरे गए. यही नहीं फील्ड से भरे गए फार्म में कांटछांट भी की गयी. याचिका में आरोप लगाया था कि सांगवान ने निजी लाभ के लिए गलत डेटा दिया.

काबिलेगौर है कि भूपिंदर हुड्डा ने सांगवान को अध्यापक भर्ती बोर्ड का चेयरमैन बना दिया था. जाट जाति को आरक्षण देने का हुड्डा को चुनाव में कोई ख़ास लाभ भी नहीं हुआ. रोहतक, सोनीपत तथा झज्जर के जाटों को छोड़कर शेष हरियाणा के जाटों ने ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी को वोट दिए. इसी बीच खजान सिंह सांगवान का कहना है कि उन्होंने सारा काम कायदे अनुसार किया है.

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