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भाजपा की सरकार बनाने की पटकथा तो लिख दी गई थी..

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-अजय पांडेय||

नई दिल्ली, कांग्रेस के छह विधायकों को तोड़कर सूबे में भाजपा की अगुआई वाली सरकार बनाने की पटकथा तो मुकम्मल तौर पर लिख दी गई थी. लेकिन, ऐन वक्त पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश दिल्ली के एक पार्टी विधायक के पास पहुंच गया जिसने कांग्रेस को तोड़ने की पूरी मुहिम की हवा निकाल दी. सही समय पर कांग्रेस अध्यक्ष के हस्तक्षेप से सूबे की सियासत की पूरी फिजां बदल गई.sonia_p_300913

उसके बाद तमाम कोशिशों के बावजूद भी कांग्रेस विधायक दल में विभाजन नहीं कराया जा सका और सरकार बनाने की कवायद पर भी पानी फिर गया. आपको बता दें कि कांग्रेस के विधायकों के सहयोग से दिल्ली में सरकार बनाने की पहल भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी ने की थी. आठ सदस्यीय कांग्रेस विधायक दल में टूट के लिए छह विधायकों की जरूरत थी क्योंकि यदि इससे कम विधायक टूटते तो दलबदल कानून के तहत वे विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य हो जाते.

सूत्र बताते हैं कि छह की यह संख्या पूरी भी हो चुकी थी. बिधूड़ी ने इन विधायकों को अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता से मिलवाया भी था लेकिन उन्हीं दिनों राजधानी में हुई एक सड़क दुर्घटना में केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की अचानक हुई मौत के बाद दिल्ली में सरकार बनाने की तैयारियों को फौरी तौर पर रोक दिया गया.

इधर, जब कांग्रेस हाईकमान को यह सूचना मिली कि दिल्ली में कांग्रेस के कुछ विधायक टूटकर अलग गुट बना रहे हैं और इनके सहयोग से भाजपा की सरकार बनने वाली है तो बड़े नेता सक्रिय हो गए.

बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने टूटने वाले एक विधायक को फोन कर उसका हालचाल पूछ लिया. कांग्रेस अध्यक्ष के फोन का असर यह हुआ कि उस विधायक ने पहले अकेले और फिर तीन अन्य विधायकों के साथ जाकर कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह कांग्रेस छोड़कर नहीं जाएंगे.

जानकारों की मानें तो इस एक विधायक ने दिल्ली में सरकार बनाने की पूरी मुहिम को रोक दिया. कांग्रेस के पांच विधायक टूटने को तैयार थे लेकिन जब तक यह छठा विधायक नहीं टूटता तब तक पांच अन्य के टूटने का कोई मतलब नहीं था. बताते हैं कि इस विधायक को तोड़ने के लिए कई प्रयास किए गए और तमाम किस्म के प्रलोभन भी दिए गए लेकिन उसने कांग्रेस छोड़ने से इन्कार कर दिया.

(जागरण)

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