/बाड़मेर: हैंडलूम कॉर्पोरेशन के नाम से फर्जी बिल बना लाखों का घोटाला..

बाड़मेर: हैंडलूम कॉर्पोरेशन के नाम से फर्जी बिल बना लाखों का घोटाला..

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर लम्बे समय से भ्रष्टाचार के मामलों के सिलसिलेवार राज फ़ाश के बावजूद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में घोटाले दर घोटाले हो रहे हैं. एक के बाद एक हो रहे लाखों रुपये के घोटालो पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है.images (86)

लम्बे समय से राजनीतिक आकाओ का सरंक्षण प्राप्त एक मेल नर्स विभाग में कैशिअर कम स्टोरकीपर का काम देख रहाहै. नियम विरुद्ध लगे इस स्टोरकीपर की कारस्तानियों के विभागीय अधिकारी भी भागीदार बने हैं . यह बात राज्य सरकार के आदेश से हुए विशेष ऑडिट जांच में उजागर हुई है.

गौरतलब हे कि सी एम एच ओ कार्यालय द्वारा स्टोर में स्टोरकीपर द्वारा राजस्थान राज्य स्टेट हैंडलूम कॉर्पोरेशन जयपुर की फर्जी बिल बुको के जरिये लाखो की सामग्री की सप्लाई भी मौजूदा स्टोरकीपर ने ही की थी. लेकिन सारे मामले को विभागीय स्तर पर ही रफा दफा कर दिया गया. कॉर्पोरेशन की जयपुर इकाई से वास्तव में कोई खरीद नहीं की गयी. वहीँ. इसकी बाड़मेर इकाई अस्तित्व में ही नहीं हैं. इसके बावजूद बाड़मेर इकाई के फर्जी बिलो के जरिये स्टोरकीपर ने लाखो रुपयो का भुगतान होना बताया गया . आश्चर्य की बात हैं की यहाँ समय समय पर आई ऑडिट पार्टियो ने भी इस मामले को गोलमाल कर दिया . बताया जा रहा हैं कि राजनितिक आकाओ का वरदहस्त प्राप्त इस स्टोरकीपर ने अनियमित खरीद और फर्जी बिलो से लाखो रुपयो का गबन किया हैं जिसको विभाग दबा रहा हैं क्यूंकि उच्च अधिकारियो की भी इसमे मिलीभगत रही . गत माह स्टोरकीपर पद पर किसी और का आदेश हुआ तो स्टोरकीपर ने विभागीय दलाल के जरिये छ लाख रुपये आकाओ को भेज आदेश रुकवा दिया .

स्टोरकीपर की कारस्तानियों का कच्चा चिटठा खुद विभाग के एक अधिकारी ने खोला. तथा तत्कालीन निदेशक डॉ समिट शर्मा ने पूर्ण जांच तक दिए मगर समिट शर्मा के आदेश ही हवा में उड़ा दिए. जबकि उसी आदेश प्रति के आधार पर हमने इसका खुलासा किया था. तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी सहित कई दो नंबर के अधिकारी इस घोटाले में शामिल हैं . जिनकी पूर्ण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए की आखिर फर्जी बिलो के जरिये आखिर लाखो का भुगतान उठाया किसने.

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