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संत रामपाल, रामरहीम और मनोहर लाल ..

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-पवन कुमार बंसल||

हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला कसबे तथा आसपास के इलाकों में इन दिनों सरकार नाम की कोई चीज दिखाई नहीं देती. पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायलय द्वारा बार बार ग्रिफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद भी पुलिस बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संत रामपाल को अदालत में पेश नहीं कर पायी है. आश्रम के पास चालीस हजार पुलिस के जवान. नेवी के कमांडो तथा अर्धसैनिक बल तैनात है. आश्रम के बहार महिलाओं एवं बच्चो ने मानव श्रुंखला बना रक्खी है तथा कई समर्थको ने खुद पर डीजल छिड़का हुआ है. केंद्रीय गृह मंत्रालय हालत पर नजर बनाये हुए है .rampalji maharaj

राजनैतिक हलको में कहा जा रहा है कि मनोहर लाल के नेतर्तव वाली भाजपा सरकार इस मामले में इसलिए करवाई नहीं कर रही कयोकि आने वाले दिनों में सिरसा के डेरा सच्चा सौदा को लेकर भी यदि कोई ऐसे हालत बनते है तो सरकार वहा क्या करेगी. काबिलेगौर है कि पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायलय ने सच्चा सौदा के गुरु रामरहीम पर एक सो साठ साधुओ को नपुंसक बनाने के मामले की जाँच हरियाणा सरकार को देकर अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. डेरा के संत रामरहीम अक्सर विवादों में रहते है हरियाणा विधानसभा के चुनाव में सच्चा सौदा के समर्थको ने भाजपा का समर्थन किया था. इस एहसान का बदला चुकाने के लिए पिछले दिनों ही भाजपा के तीस विधायक डेरा में जाकर रामरहीम के चरणो में शीस नवा कर आये है वैसे सच्चा सौदा वकत के अनुसार कभी कांग्रेस को भी समर्थन देता रहा है.

सारे मामले से मुख्यमंत्री मनोहर लाल की काफी किरकिरी हो रही है उनकी छवि एक ईमानदार एवं शरीफ नेता के साथ साथ कमजोर तथा अनुभवहीन मुख्यमंत्री की बन रही है. मनोहर लाल तथा उनकी सरकर के मंत्रियों रामबिलास शर्मा एवं ओम प्रकाश धनकड़ की संत रामपाल से की गयी अपील का भी कोई असर नहीं हुआ है.अदालत बार बार पुलिस को उसके आदेश की पालना नहीं करने के लिए लताड़ रही है यही नहीं अदालत ने बरवाला में किये पुलिस प्रबंधों पर हुए खर्च का हिसाब माँगा है. सरकार की तरफ कुछ स्वयंभू खाप पंचयात नेता भी रामपाल से गुहार लगा चुके है. रामपाल के समर्थक खुलेआम सरकार तथा अदलात को ठेंगा दिखा रहे है. पहले तो वे कहते रहे की उनके गुरु जी बीमार है तथा ठीक होते ही वे अदलात में पेश हो जायेगे. अब कह रहे है की उनकी खिलाफ रोहतक में झूठा केस ततकालीन मुख्यमंत्री भूपिंदर हूडा के संकेत पर दर्ज करवाया गया था. यही नहीं वे यह भी कह रहे है की उनके गुरु को भगवन की शक्तिया प्राप्त है . रामपाल का आश्रम पहले रोहतक पास करौंथा में था. वह आर्य समाज के समर्थोको से झगड़ा होने पर हुई खुनी भिड़ंत के आरोप में रामपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज है. आर्य समाज समर्थको ने करौंथा आश्रम को तहस नहस कर दिया था. उसके बाद रामपाल ने बरवाला मे अपना आश्रम बनाया था.144

इधर हरियाणा के रिटायर्ड अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी के कपूर का कहना है की बेशक कुछ भी करना पड़े सरकार को अदालत के आदेश की पालना हर हालत में करवानी चाहिए. मनोहर लाल को इस बात का ध्यान रखना चहिये के उन्होंने प्रदेश में कानून की सरकार चलाने की शपथ ली है और अपनी इस जिमेवारी से वे बच नहीं सकते. आज से चौदह वर्ष पहले जींद जिले के कंडेला में भी ऐसे हालत बन गए थे. बिजली बिलो की माफ़ी को लेकर किसान यूनियन के आंदोलन के दौरान पुलिस के आला अफसरों को बंधक बना लिया गया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के खिलाफ मुद्दा बनाते हुए भूपिंदर सिंह हूडा के नेतृत्व में कांग्रेस ने आंदोलन कर दिया था. हरियाणा में नेता अदालती आदेशो की धज्जिया उड़ाते रहते है. काफी पहले भ्रष्टाचार के एक मामले में रोहतक अदालत में पेश हुए मेहम के कोंग्रेसी नेता आनंद दांग़ी को , भूपिंदर हूडा खुद ट्रेक्टर चला कर जुलुस की शक्ल में रोहतक लाये थे. हत्या के केस में नामजद इनेलो के पूर्व विधायक बाली पहलवान को ग्रिफतार करने के लिए तीन दिन तक पुलिस के आला अफसर रोहतक में बैठकर उससे आत्म समर्पण करने के गुहार लगाते रहे थे. आखिर बाली पहलवान भी जुलुस की शक्ल में रोहतक आये और उन्होंने अदालत की बजाए रोहतक के पुलिस महानिरीक्षक के दफ़्तर में आत्म समर्पण किया था. असल में पिछले पंद्रह वर्ष में हरियाणा पुलिस का इस कदर राजनीतिकरण हो गया है की वो खुद कोई निर्णय लेने में सक्षम नहीं रही.

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