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पुलिस ने रामपाल को हाई कोर्ट में पेश किया, अगली सुनवाई 28 को होगी..

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दो दिनों की मशक्कत के बाद गिरफ्त में आए स्वयंभू संत रामपाल को पुलिस ने अदालत की अवमानना के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पेश कर दिया है. हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई शुरू करते हुए पुलिस से रामपाल के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन और उनकी ओर से किए गए प्रतिरोध पर रिपोर्ट मांगी. अदालत ने डेरों में गैर-कानूनी हथियारों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई. इस मामले में अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी. हाई कोर्ट हत्या के मामले में उनकी जमानत सुबह ही रद्द कर चुका है.rampal in lockup

इस बीच, रामपाल की गिरफ्तारी के एक दिन बाद भी उनके अनुयायियों का आश्रम से बाहर आना लगातार जारी है. आज सुबह अधिकारियों ने सतलोक आश्रम में मौजूद अनुयायियों से बाहर निकल आने की अपील करते हुए उनसे कहा था कि पुलिस और नागरिक प्रशासन वहां उनकी मदद के लिए है. पुलिस ने कहा कि उसे संदेह है कि रामपाल के कुछ कट्टर समर्थक और उसके कुछ निजी कमांडो अभी भी अंदर हैं. आश्रम में हथियार, आपत्तिजनक वस्तुएं खोज निकालने के लिए व्यापक स्तरीय खोज अभियान चलाने से पहले पुलिस ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी निर्दोष अनुयायी बाहर आ जाएं ताकि अंदर छिपे किसी भी कमांडो या आरोपियों को अलग-थलग किया जा सके.

इससे पहले बुधवार की रात रामपाल को गिरफ्तार किए जाने के बाद जरूरी मेडिकल जांच के लिए ऐम्बुलेंस से पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें पूरी तरह से ठीक करार दिया गया. गौरतलब है कि अवमानना के मामले में अदालत में उपस्थित होने से इनकार करने वाले 63 साल के रामपाल दावा कर रहे थे कि वह बीमार है और उन्हें हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम से दो सप्ताह तक चले गतिरोध के बाद गिरफ्तार किया गया था. सदर अस्पताल के डॉ. राजेश ने संवाददाताओं से कहा कि रामपाल का स्वास्थ्य सभी मापदंडों पर ठीक हैं. पंचकुला अस्पताल लाए जाने के बाद रामपाल ऐम्बुलेंस से खुद चलकर बाहर आए. रामपाल ने शॉल ओढ़े हुए थे.

गुरुवार सुबह अस्पताल से थाने ले जाने के दौरान रामपाल ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं. उन्होंने निजी सेना रखने के आरोपों को भी खारिज कर दिया है. अपने ईद-गिर्द जमा पत्रकारों के सवालों के बौछारों के बीच रामपाल चलते हुए इंतजार कर रहे पुलिस गाड़ी की ओर चले गए.rampal in lockup1

साढ़े 33 घंटे के ऑपरेशन और हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद रामपाल को पुलिस ने बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के साथ ही दो हफ्ते से पुलिस और रामपाल के समर्थकों के बीच चल रहा तनावपूर्ण गतिरोध खत्म हो गया. रामपाल को गिरफ्तार करने से पहले उनके 15,000 समर्थकों को आश्रम से बाहर निकालने की कार्रवाई भी की गई.

पुलिस महानिदेशक एस एन वशिष्ठ ने कहा कि रामपाल के खिलाफ राजद्रोह, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, अवैध रूप से लोगों को हिरासत में रखने, दंगा फैलाने समेत अन्य कई नए मामले दर्ज किए गए हैं. रामपाल के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. कभी जूनियर इंजिनियर रहे रामपाल को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान में आश्रम में चार महिलाओं की रहस्यमयी परिस्थिति में मृत्यु हो गई और दो अन्य लोगों की अस्पताल में मौत हो गई.

इस मामले में हैं वॉरंट

2 जुलाई, 2006 को हरियाणा के रोहतक के करौंथा में बाबा रामपाल द्वारा संचालित सतलोक आश्रम के बाहर एक युवक की मौत हो गई थी. इस मामले में बाबा रामपाल और उसके 37 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है. इसी मुद्दे पर 12 मई, 2013 को करौथा में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई थी.

14 मई, 2013 को पुलिस ने आश्रम खाली कराया. संत रामपाल बरवाला स्थित आश्रम में चले गए. इन्हीं मामलों में बाबा रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है. पेशी से छूट खत्म होने के बाद हिसार कोर्ट में 14 मई, 2014 को रामपाल की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. सुनवाई के दिन समर्थकों ने वकीलों से हाथापाई की, जजों के खिलाफ नारेबाजी भी की. हाई कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया. उसे पेश होने का आदेश दिया गया. कई सुनवाई पर रामपाल पेश नहीं हुए तो हाई कोर्ट ने रामपाल और उनके अनुयायी व सेवा समिति के अध्यक्ष रामकुमार ढाका के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया.

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