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अवैध कनेक्शनों का गोरखधंधा, रेवड़ियों की तरह बांटे बिजली कनेक्शन..

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-प्रकाशचंद बिश्नोई और श्रीराम ढाका।।

धोरीमन्ना, घरेलू कनेक्शन लेकर बिजली का व्यवसायिक उपयोग करना आम बात है। मुख्य मार्ग सहित विभिन्न खेतो में अवैध कनेक्शनों की भरमार है। उपर से नीचे तक के विभागीयकर्मी इससे वाकिफ हैं। आखिर कैसे लोग बिना कनेक्शन के धड़ल्ले के साथ बिजली का उपयोग कर रहे हैं। यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन न तो इसकी जांच पड़ताल कराई जाती है न ही कर्मचारियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। इससे साबित होता है कि उपर के अधिकारी भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं। जोधपुर डिस्कॉम को लाखों की चपत।DSCF4083

DSCF4064 (1)धोरीमन्ना पंचायत समिति क्षेत्र के पीपराली व बांटा ग्राम में बिजली विभाग की मिली भगत से किसानों को अवैध घरेलु कनेक्शन बिना किसी नियम कायदे के तहत दिए गये पत्रिका टीम द्वारा किये गये सर्वे के अनुसार बांटा गांव में बिजली विभाग के अधिकारीयों द्वारा किसानों से मोटी रकम वसुल कर बिना किसी स्किम के घरेलु कनेक्शन कर दिया कागजी खानापुर्ति मे ३७०० रू़ कि डिमांड राशी दर्शा कर उक्त कनेक्शनों को सर्विस लाइन से होना बताया गया जबकि मौके पर ४-५ खम्भें खड़े हुऐ मिले है।

मीटर नं- ३११४०१९२ के अवैध कनेक्शन से अनार कि खेती
DSCF4082बांटा ग्राम पचायत के रोली गांव एक खेत में बुंद बुंद सिचाई पद्वति से अनार की खेती कि गई है खेत में घर नही बना हुआ है परन्तु उस खेत में घरेलु कनेक्शन किया हुआ है मिटर को खम्भें पर ही लटकाया हुआ है तथा उस कनेक्शन से ही सिचाई कर रहा है यह कनेक्शन अधिकारीयों द्वारा बिना कोई स्कीम के ही मोटी रकम वसुल कर किया गया है कनेक्शन का केबल भी 33 केवी लाइन के खम्भे पर लटका कर खेचा गया है अनार के खेत मे कृषि विभाग से सबसिडी मिल रही है, यह सब विभागीय अधिकारीयों के सहयोग से ही सभंव हो रहा है.DSCF4089

बिना घर के लगाया मीटर नं- ३११४०७६६
बांटा ग्राम पचायत के रोली गांव के एक खेत में कोई घर नही बना हुआ एक छप्पर बनाकर उसके पास चिण रोपकर मीटर लगाया गया है तथा खुले तारों से नहर पर अवैध मोटर लगाकर खेती हो रही है जो कि नियम विरूद्व है उक्त कनेक्शन भी मोटी रकम लेकर किया गया है वहा ट्रासफार्मर पर क्षमता से अधिक कनेक्शन जोड़े गये है।

सुनसान खेत मे लगा मीटर नं- ३११४१५२२
DSCF4091बांटा ग्राम पचायत के रोली गांव के सुनसान पड़े खेत में भी ऐसा ही गड़बड़ झाला हो रहा है खेत में कोई घर नही बना हुआ है खम्भे के पास ही एक बड़ा पत्थर (चीण) खड़ा कर उस मीटर लटका दिया गया है।
नहर पर लगे दर्जनो अवैध मीटर ओर मोटरें
पिपराली ग्राम पचायत कि सरहद मेनहर पर बनी डिक्कीयों पर दर्जनों अवैध मोटर चल रही है कुछ खुले तारो के मीटर लगे है नाम न छापने कि शर्त पर ग्रामिण बताते है की नहरी अधिकारियों ने घरेलु कनेक्शन के मीटर यहा लाकर मोटर चलाने को कहा है नहर की डिक्की के पास लगे टऊासफार्मर पर बिजली के तार खुले पड़े है जो कभी भी बड़े हादसे हो सकते है। इस सम्बध में ग्रामिणों से बात करनी चाही तो सभी ने चुप्पी साध ली लेकिन कुछ लोगों के द्वारा दबी जुबान से अवैध कनेक्शन।DSCF4076

DSCF4080 (1)विभागीय अधिकारियों कि मिली भगत की बात सामने आयी
क्या कहता है नियम- घरेलु कनेक्शन पांच फाईलों के ग्रुप मे दिया जाता है टऊासफार्मर या लाइन से १०० मीटर तक की दुरी पर ३७०० रू कि डिमाण्ड राशी से घरों मे ही कनेक्शन किया जाता है जबकी पिपराली और बांटा गांव पचायत मे ऐसे कई कनेक्शन दिये गये है जो कि टऊास्फार्मर से ५००० दुरी पर स्थित है तथा कई ऐसे कनेक्शन दिए गए है जहाँ कोई घर नही है।

घरेलू कनेक्शन लेकर बिजली का व्यवसायिक उपयोग करना आम बात है। मुख्य मार्ग सहित विभिन्न खेतो में अवैध कनेक्शनों की भरमार है। उपर से नीचे तक के विभागीयकर्मी इससे वाकिफ हैं। आखिर कैसे लोग बिना कनेक्शन के धड़ल्ले के साथ बिजली का उपयोग कर रहे हैं। यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन न तो इसकी जांच पड़ताल कराई जाती है न ही कर्मचारियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। इससे साबित होता है कि उपर के अधिकारी भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं।

बिजली का अंश 

इस सम्बंध मे जब उच्च अधिकारीयों से बात करने की कोशिश की तो उन्होने वहा के सहायक अभियंता से बात करने को कहकर अपना पल्ला झाड़कर मोबाइल बन्द कर दिया गया।
इनका कहना :-
वहा के सहायक अभियंता से बात करके जानकारी लो
प्रेमजीत धोबी, अधिक्षण अभियंता जोधपुर डिस्कॉम बाड़मेर

मेरी नई जोईनिंग है मुझे अभी तक गावों के नाम कि भी जानकारी नही है आप सहायक अभियंता को नोट करवा देना
मेघाराम प्रजापत अधिशाषी अभियंता गुड़ामालानी

पुरे गुड़ामालानी क्षैत्र मे ऐसे कई फर्जी कनेक्शन लगे हुए है, जिसकी हमे सुचना मिलती है तो हम वहा जाकर कार्यवाही करते है. आप भी हमे सुचना दो हम जाकर कार्यवाही करेगें।
भंवराराम चौधरी सहायक अभियंता गुड़ामालानी

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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