/पंचायत ने दलित युवक को सरेआम दी फांसी, पुलिस आत्महत्या बताने लगी..

पंचायत ने दलित युवक को सरेआम दी फांसी, पुलिस आत्महत्या बताने लगी..

-इंद्रपाल कौशिक||

बुलंदशहर, कोतवाली देहात के एक गांव में पंचायत के फरमान के बाद एक दलित युवक को फांसी पर चढ़ा दिया गया है. आरोप है कि युवक को गांव के एक शख्स की पत्नी के साथ पाया गया था. महिला के पति ने उसे पकड़ लिया और गांव में पंचायत बैठा दी. मारे गए युवक के पिता का आरोप है कि पंचायत ने प्रेमी को पहले पीटने का फरमान सुनाया और फिर उसे फांसी की सजा मुकर्रर कर दी. शीशम के पेड पर फांसी दी गई. फांसी देने वाले पंचायती और महिला का पति फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है.Dalit-youth

गौतम बुद्धनगर के गांव नगला चोना निवासी इंदर के बेटे लाला का बुलंदशहर के गांव नगला टोटा की एक महिला से प्यार हो गया था. दोनों 6 महीने पहले घर से फरार हो गए थे. वे कुछ दिन देहरादून में रहे और फिर कुछ दिन बाद महिला अपने पति के घर आकर रहने लगी. मंगलवार की शाम को महिला से मिलने लाला उसके गांव आ गया.

आरोप है कि युवक और महिला को पति ने देख लिया और गांव के 10-20 लोग बुलाकर पंचायत बैठा दी. आरोप है कि पंचायत ने प्रेमी को पहले पीटने की सजा सुनाई और फिर उसे फांसी दे दी गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाला का शव पेड से उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

मृतक के पिता इंदर और अन्य परिजनों ने पुलिस के सामने महिला के पति और उसके परिजनों पर हत्या की बात कही. इन्होंने कहा कि पंचायत ने पहले पीटने का और फिर फांसी पर लटकाने का हुक्म दिया था. आरोपियों ने शीशम के पेड पर प्रेमी को लटकाकर इस लिए मार डाला क्योंकि महिला ऊंची जाति की है और मृतक दलित परिवार का था. लेकिन कोतवाली देहात की पुलिस आत्महत्या बता रही है. कोतवाली इंचार्ज आरपी सिंह का कहना है कि जिस महिला को मृतक लाला ले गया था, वह उसे छोड़कर अपने पति के पास आ गई. इसी गम में लाला ने पेड पर लटककर आत्महत्या कर ली. जबकि मृतक के परिजनों ने पंचायतियों और महिला के पति के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है.
(नभाटा)

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