/भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर कांग्रेस की झोली में..

भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर कांग्रेस की झोली में..

सीएम सिटी में मची सियासी उथल-पुथल.. करनाल में हास्यस्पद स्थिति में पहुंची भाजपा.. भाजपा आलाकमान ले सकती है कड़ा एक्शन..

-अनिल लाम्बा||

करनाल, क्या नगरनिगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग का भाजपा से मोह भंग हो गया है.? क्या भाजपा से मोह भंग होने के बाद उन्होंने कांग्रेस से पींगे बढ़ाना शुरु कर दी है. अगर ऐसा नहीं है तो फिर उन्होंने कांग्रेस की पूर्व विधायक सुमितासिंह के पति जगदीपसिंह विर्क के साथ हाथ क्यों मिलाया है? उनके कांग्रेस प्रेम जागृत होने का ताजा उदाहरण करनाल की पूर्व विधायक सुमितासिंह के साथ व्यवसायिक गठजोड़ है.Karnal Haveli

कृष्ण गर्ग के इस गठजोड़ से भाजपा में खलबली मची है. मामला आलाकमान के संज्ञान में आ चुका है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गृह क्षेत्र में घटित हुए इस सियासी और व्यापारिक घटना से हड़कंप की स्थिति है. भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता इस घटनाक्रम को पचा नहीं पा रहे हैं. भाजपा के कार्यकर्ताओं के मन में सवाल उठ रहा है कि जब बड़े स्थानीय नेता चुुनाव के बाद कांग्रेस के दिग्गजों के साथ हाथ मिला रहे हैं तो फिर चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लडऩे का ढोंग क्यों किया जाता है? क्यों बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की आंख में धूल झोंकी जाती है.?

इस पूरे प्रकरण के बाद करनाल भाजपा की खूब खिल्ली उड़ रही है. सूत्रों की माने तो इस प्रकरण से भाजपा के स्थानीय नेता स्तब्ध है और सख्त निर्णय की तैयारी में है. आने वाले दिनों में इस मामले में पार्टी के स्थानीय दिग्गजों की इस मसले पर महत्वपूर्ण बैठक भी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. इस बीच बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर पिछले सवा महीने में ऐसा क्या वाक्या घटित हुआ कि भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग को असंध विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर जमानत जब्त करा चुकी सुमितासिंह से हाथ मिलाना पड़ा.

दरअसल हाल ही के दिनों में कृष्ण गर्ग पूर्व विधायक सुमितासिंह के पति जगदीपसिंह विर्क के पति के प्रभाव वाले केबल नेटवर्क में पार्टनर बने हैं. गर्ग न सिर्फ पूर्व विधायक सुमितासिंह की न्यायापुरी कोठी पर लगातार केबल आपरेटरों से मीटिंग कर रहे हैं बल्कि मुख्यमंत्री के नाम का भी भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. पता चला है कि आपरेटरों की एक मीटिंग में उन्होंने एक मीटिंग में मोबाइल का स्पीकर फोन ऑन कर डीएसपी से बात की और ये दिखावा करने की कोशिश की कि प्रशासन उनके साथ है.

यहां उल्लेख करना जरुरी है कि कुछ दिन पहले ही करनाल में पूर्व विधायक सुमितासिंह के प्रभाव वाले केबल नेटवर्क पर जी इंटरटेंमैंट के चैनलों का प्रसारण बंद हो चुका है. इसके बाद कंपनी ने पूर्व विधायक के पति समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. लेकिन इस घटनाक्रम के अगले ही दिन सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग का कांग्रेस प्रेम जाग गया.

इस घटनाक्रम से असंध के भाजपा विधायक बख्शीशसिंह भी सांसत में है. बता दें कि सुमितासिंह ने करनाल की बजाय असंध विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था. हालांकि सुमितासिंह वहां पांचवे नंबर पर रही थी लेकिन जिस जातीय समीकरणों को उन्होंने आधार बनाया था उससे असंध के मौजूदा विधायक बख्शीशसिंह को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा था. वैसे सवाल पूर्व विधायक सुमितासिंह पर भी कम नहीं उठ रहे हैं. क्योंकि पांच साल पहले उन्होंने केबल नेटवर्क का कारोबार खड़ा करने के लिए पूर्व विधायक और अपने प्रतिद्वंदी जयप्रकाश गुप्ता के भतीजे योगेश गुप्ता के साथ हाथ मिला लिया था. पूर्व विधायक के पति ने जो तीर चलाया है उससे भाजपा में कई निशाने सधते दिखाई दे रहे हैं.

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