/बंगलुरु पुलिस के अनुसार मेहदी ने मानी आईएस का ट्विटर अकाउंट चलाने की बात..

बंगलुरु पुलिस के अनुसार मेहदी ने मानी आईएस का ट्विटर अकाउंट चलाने की बात..

बंगलुरु पुलिस ने इराक और सीरिया में सक्रिय आतंकी गुट आईएसआईएस का ट्विटर एकाउंट चलाने वाले मेहदी विश्वास को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. मेहदी की यह फोटो बंगलुरु सिटी पुलिस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की है.mehadi vishwas

बंगलुरु पुलिस के महानिदेशक एम एन रेड्डी ने आज संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति पेशे से इंजीनियर है और इसने यह स्वीकार किया है कि वह इस ट्विटर अकाउंट को काफी सालों से हैंडल कर रहा था. उन्होंने बताया कि वह इस अकाउंट के जरिये आईएस के ऑनलाइन भर्ती अभियान में मददगार था. रेड्डी ने बताया कि जांच से यह बात सामने आयी है कि यह व्यक्ति कट्टर इस्लामिक सोच वाला था और अरबी भाषा में जो ट्वीट आते थे उन्हें अंग्रेजी में अनुवाद भी करता था.

ब्रिटेन के चैनल 4 न्यूज ने कल अपनी रिपोर्ट में इस ट्विटर एकाउंट से भारत की आईटी राजधानी बंगलुरु के ताल्लुक की जानकारी दी थी. इस ट्विटर अकाउंट को विदेशी जिहादी फॉलो करते हैं. चैनल ने इस ट्विटर अकाउंट संचालक का पूरा नाम नहीं बताया क्योंकि इस व्यक्ति ने कहा कि उसका जीवन खतरे में आ सकता है. गौरतलब है कि 39 भारतीय कामगार अब भी आईएस के कब्जे में हैं. चैनल 4 न्यूज की इस रिपोर्ट के बाद अकाउंट बंद कर दिया गया.

अपनी रिपोर्ट में चैनल 4 ने कल कहा था कि आईएस के ट्विटर अकाउंट का संचालक यहां एक बड़े समूह में काम करने वाला एक एग्जिक्यूटिव है. वह अब तक गुमनाम रहने और इस्लामिक स्टेट के प्रचार युद्ध में अपनी मुख्य भूमिका के बारे में सवालों को टालने में सफल रहा है. चैनल 4 न्यूज ने कहा था कि उसकी पड़ताल में खुलासा हुआ कि ट्विटर अकाउंट का संचालन करने वाले व्यक्ति को मेहदी कहा जाता है और वह बंगलुरु में एक एग्जिक्यूटिव है जो एक भारतीय समूह के लिए काम कर रहा है.

चैनल 4 ने कहा, शमी विटनेस के नाम के तहत उसके ट्वीट को हर महीने 20 लाख बार देखा गया. इससे 17,700 से अधिक फॉलोवरों के साथ शायद वह सबसे प्रभावशाली इस्लामिक स्टेट ट्विटर अकाउंट बन गया है. बंगलुरु के पुलिस आयुक्त एम एन रेड्डी ने बताया कि पुलिस ने अपनी अपराध शाखा से इस रिपोर्ट की सत्यता का पता लगाने कहा है और बंगलुरु पुलिस एनआईए एवं आईबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है. यह खबर आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों कुछ संदिग्धों पर नजर रख रही थी.

चैनल-4 के साथ संक्षिप्त साक्षात्कार में मेहदी ने कहा था, मैंने कुछ गलत नहीं किया है. मैंने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है. मैंने कोई कानून नहीं तोड़ा है, मैंने भारत की जनता के विरुद्ध कोई युद्ध या हिंसा नहीं छेड़ा है. मैंने भारत के किसी सहयोगी के विरुद्ध लड़ाई नहीं छेड़ी है. उसने दो मिनट 12 सेंकेंड के इस साक्षात्कार में कहा था, मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जब भी समय आएगा, मैं गिरफ्तारी का विरोध नहीं करूंगा. मेरे पास किसी प्रकार कोई हथियार नहीं है. यह साक्षात्कार अचानक बीच में ही खत्म हो गया.

इस रिपोर्ट में ट्विटर अकाउंट संचालक ने कहा है कि वह इराक एवं सीरिया में आईएस में शामिल नहीं हुआ है, क्योंकि उसका परिवार उस पर आर्थिक रूप से निर्भर है. द शमी विटनेस अकाउंट से किए गए ट्वीट में जिहादी दुष्प्रचार की बातें होती थीं तथा इनमें भर्ती पाने वालों के लिए सूचना और मारे गए लड़ाकों को शहीद के रूप में महिमामंडन करते हुए संदेश होते थे.

आईएस ने अपना दुष्प्रचार फैलाने और युवकों की भर्ती तथा हत्या से संबंधित वीडियो के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का व्यापक इस्तेमाल किया है. यह पहली बार नही है कि कर्नाटक का नाम वैश्विक आतंकवाद के साथ आया है. वर्ष 2007 में लंदन के कफील अहमद विस्फोटकों से लदा एक ट्रक लेकर ग्लासगो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घुस गया था और इस हमले में वह मर गया था. उसने बंगलुरु से ही अभियांत्रिकी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की थी. कर्नाटक के तटीय शहर भटकल के दो भाइयों – रियाज और इकबाल ने इंडियन मुजाहिद्दीन की स्थापना की थी, जिस पर देश में करीब 21 आतंकवादी हमलों को अंजाम देने का आरोप है. दोनों फरार हैं.

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