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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मुंबई के 26/11 की तरह हमला..

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एक हथियारबंद व्यक्ति द्वारा आज ऑस्ट्रेलिया के चर्चित कैफे में कई लोगों को बंधक बनाए जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा कड़ी कर दी गई. हथियारबंद व्यक्ति ने आज ऑस्ट्रेलिया के मार्टिन प्लेस स्थित मशहूर कैफे लिंडट चॉकलेट कैफे में अनेक लोगों को बंधक बना लिया और उसकी खिड़की पर अरबी लिपि में लिखा इस्लामी झंडा भी लहराया.sydney_121514061847

अधिकारियों ने कैफे के इर्दगिर्द की सड़कें बंद कर दी है और निकट की इमारतों से लोगों को हटा लिया. शहर के कारोबारी इलाके के मध्य में स्थित कैफे की इस घटना के बाद रेल सेवा भी निलंबित कर दी गई. सिडनी के मध्य में होने के कारण मार्टिन प्लेस को संसदीय, कानूनी और खुदरा इलाके के संगम के तौर पर जाना जाता है और इसके कारण यहां आम लोगों की गहमागहमी बनी रहती है.

टेलीविजन फुटेज में यह दिख रहा है कि कैफे की खिड़की पर काला झंडा लगा है और लोग खिड़के पे हाथ टिकाए खड़े हैं. यह इस्लामिक स्टेट झंडा नहीं है, बल्कि नमाजों में रोजाना इस्तेमाल होने वाला झंडा है. लिंडट ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी का कहना है कि कैफे में करीब 10 कर्मी और 30 ग्राहक फंसे हुए हैं. पुलिस ने बंधकों की संख्या के बारे में बयान देने से इनकार कर दिया.

सिडनी लाइव

दोपहर 1:20 बजे: केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि एक भारतीय भी कैफे में बंधक है, जो एक आईटी प्रोफेशनल है.

दोपहर 1:07 बजे: चैनल 7 के पत्रकार क्रिस रिजन का दावा, कैफे में 40 नहीं, बल्कि 15 बंधक हैं. रिजन ने बताया कि हमलवार सफेद शर्ट और काली टोपी पहने हुए है.

दोपहर 1:05 बजे: टीवी रिपोर्ट के अनुसार बंधकों में कोई भारतीय नहीं है.151214464126photo9

दोपहर 12:55 बजे: एक और बंधक कैफे से भागा. बंधक बनाए गए लोगों में से अब तक कुल 6 लोग कैफे से बाहर निकले.

दोपहर 12:45 बजे: हेडले ने बताया कि मैंने बंधक को बताया कि ऐसा करना उसके और मेरे हित में नहीं होगा, क्योंकि मैं प्रशिक्षित वार्ताकार नहीं हूं. मेरे पास इसकी विशेषज्ञता नहीं है. यहां कई अन्य लोग हैं जो बंधकों और बंदूकधारी से बात करेंगे. उन्हें पता होगा कि क्या करना है. हेडले ने बताया कि उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त एंड्रयू सिपियोन को फोन कॉल के बारे में बताया, जिसके बाद सिपियोन ने उन्हें बंधक से बातचीत का प्रसारण नहीं करने के लिए कहा. हेडले ने बताया कि बंदूकधारी इसमें अन्य लोगों के शामिल होने की बात कर रहा था. हेडले ने बताया कि वे कह रहे थे कि वे मुझे एक पासवर्ड देंगे..मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब था, यह किस बारे में था. मुझसे बात करने वाले युवक को पीछे से निर्देश दिए जा रहे थे, मैं इन्हें सुन रहा था.

दोपहर 12:44 बजे: सिडनी के एक रेडियो प्रस्तोता का कहना है कि उन्होंने कैफे में बंधक बनाए गए लोगों में से एक से बात की है और उन्हें बंदूकधारी की आवाज भी पीछे से सुनाई दे रही थी. एक व्यावसायिक रेडियो स्टेशन ‘2जीबी’ के रेडियो प्रस्तोता हेडले ने बताया, ”फोन पर बंधक की आवाज डरी हुई थी.” ‘सिडनी मॉर्निग हेराल्ड’ के मुताबिक, हेडले ने बताया कि बंधक से फोन पर हुई बातचीत के दौरान वह पीछे हो रही बातचीत भी सुन सकती थी. बंदूकधारी चाहता था कि बंधक रेडियो पर उसकी ओर से सीधे मुखातिब हो. हालांकि हेडले का दावा है कि उन्होंने बंदूकधारी की वह मांग नहीं मानी.

दोपहर 12:22 बजे: भारत और ऑस्ट्रेलिया के समय में 5 घंटे और 24 मिनट का फर्क है. इस समय ऑस्ट्रेलिया में शाम के 5:46 मिनट हो रहे हैं.

दोपहर 12:02 बजे: न्यू साउथ वेल्स की उपायुक्त कैथरीन बर्न ने बताया कि मार्टिन प्लेस स्थित लिंडट कैफे से बाहर आए तीन लोग पुलिस के साथ हैं. चैनल-7 पर तीन लोग – एक स्टाफ सदस्य तथा दो अन्य कैफे से भाग कर बाहर आते देखे गए. कैथरीन ने कहा, मेरे पास जो सूचना है, वह यह है कि अभी किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है या घायल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, हम स्पष्ट तौर पर ऐसी स्थिति से निपट रहे हैं जो विकसित हो रही है और सबसे महत्वपूर्ण चीज उन बंधकों की सुरक्षा है तथा मैं मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहूंगी जिससे उन बंधकों की सुरक्षा पर असर पड़े. कैथरीन ने कहा कि वह कैफे में मौजूद लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सकतीं.

सुबह 11:38 बजे: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बैठक बुलाई.

सुबह 11:30 बजे: सिडनी के लिंड कैफे से दो महिला बंधक भागने में कामयाब, अब तक पांच लोग भागने में कामयाब हुए.

सुबह 11:18 बजे: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि ऐसी स्थितियों के लिए हमारी एक प्रक्रिया है, जिस पर हम काम कर रहे हैं.

सुबह 10:56 बजे: पुलिस ने बंदूकधारी से संपर्क स्थापित किया.

सुबह 10:42 बजे: ऑस्ट्रेलिया दौर पर गई भारतीय क्रिकेट टीम की ब्रिस्बेन में सुरक्षा बढ़ाई गई.

सुबह 10:13 बजे: सिडनी के लिंड कैफे से कुछ बंधकों के भागने की खबर. रॉयटर्स के हवाले से खबर. 3 बंधकों ने भागने में कामयाबी हासिल की.

सुबह 10:00 बजे: भारतीय गृह मंत्रालय में बैठक शुरू हुई.

सुबह 9:50 बजे: भारतीय गृह मंत्रालय में सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई है.

सुबह 9:45 बजे: भारतीय कांसेलुट जनरल का दफ्तर बंद किया गया. घटना वाली जगह पर ही है दफ्तर.

सुबह 9:33 बजे: आतंकवादी संगठन ‘अल नुसरा’ का इस घटना में हाथ हो सकता है. टीवी रिपोर्टस के अनुसार ‘अल नुसरा’ सीरिया का आतंकवादी संगठन है और यह अल कायदा और आईएसआईएस से जुड़ा हुआ है.

सुबह 9:20 बजे: एहतियात के तौर पर पुलिस ने आसपास की बिल्डिंगें खाली करा दी हैं. इसमें चैनल सेवन का दफ्तर भी शामिल है, जो कैफे के बिलकुल सामने है. ऑस्ट्रेलिया के मीडिया से आ रही खबरों में अभी तक किसी भी तरफ से फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है.

सुबह 9:00 बजे: सिडनी की घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान आया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि ऐसी घटना अमानवीय और चिंताजनक. लोगों की सुरक्षा के लिए मैं प्रार्थना करता हूं.

सुबह 8.30 बजे: न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्र एंड्यू सैपियॉन ने कहा है कि कैफे के अंदर कितने लोग हैं इसकी सहीं संख्या अभी नहीं पता है. कैफे के अंदर एक बंदूकधारी है. हम इस घटना से शांति से निपटना चाहते हैं. अभी तक बंधक बनाने वालों से संपर्क नहीं हुआ है. हमारी घटना के सभी पहलुओं पर नजर है और हम इस घटना को आतंकी हमले की तरह देख रहे हैं.

सुबह 8.20 बजे: प्रत्यदर्शियों के अनुसार बंदूकधारी ने आत्मघाती बेल्ट बांध रखी है.sydney8_thumb_121514102247

सुबह 8.14 बजे: लेबनान मुस्लिम एसोसिएशन का कहना है कि हम किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार हैं.

सुबह 8.10 बजे: अमेरिका ने अपने दूतावास को खाली कराया और अपने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

सुबह 8.00 बजे: पुलिस के अनुसार जो झंडे दिखाए गए हैं, उनका शुरुआती तौर पर आईएसआईएस से संबंध नहीं लग रहा है, लेकिन पुनिस ने आतंकी हमले या आईएस का हाथ होने से इनकार नहीं किया है.

सुबह 7.41 बजे: प्रधानमंत्री टोनी एबट ने लोगों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं और सामान्य तरीके से अपना काम करते रहें, उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और हमें पूरा भरोसा है कि हम इस घटना पर अच्छी तरह से काबू पा लेंगे.

सुबह 7.30 बजे: पुलिस ने सिडनी के कैफे में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के लिए अपना अभियान शुरू किया.

सुबह 7:07 बजे: ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के एक कैफे में लोग बंधक बनाए गए.

न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर एंड्रयू साइपियोन ने बताया कि मामले में सिर्फ एक बंदूकधारी शामिल है. उन्होंने बताया, मैं आपको इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि शहर के मार्टिन प्लेस इलाका स्थित कैफे में एक हथियारबंद अपराधी ने परिसर के अंदर कई सारे लोगों को बंधक बना लिया है. हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि पुलिस बंधक बनाने वाले के साथ सीधे तौर पर संपर्क में नहीं है. उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि हमारा इस हथियारबंद व्यक्ति से संपर्क नहीं रहा है और हम अब तक यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि व्यक्ति कहां का है.

साइपियोन ने बताया कि फिलहाल पुलिस इसे बंधक मामले के तौर पर देख रही है लेकिन वह इसे आतंकवादी गतिविधि के रूप में भी देख रही है. उन्होंने बताया, जरूरत पड़ने पर हम शांति बहाल करने के लिए जब तक जरूरी होगा काम करते रहेंगे. मार्टिन प्लेस, सिडनी ओपेरा हाउस, स्टेट लाइब्रेरी और सभी अदालतों को खाली करा लिया गया है.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट ने अपने कैबिनेट के सुरक्षा मामलों के अधिकारियों के साथ बैठक की और बंधक मामले पर कार्रवाई पर चर्चा की. एबट ने कहा, जाहिर तौर पर यह गंभीर चिंता का मामला है लेकिन सभी ऑस्ट्रेलिया वासियों को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त है तथा वे हथियारों से लैस हैं एवं वे बेहद पेशेवर अंदाज में पेश आ रही हैं.

एबट ने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, हमें अब तक अपराधी के उद्देश्य का पता नहीं चला है, हम नहीं जानते कि यह राजनीति से प्रेरित है हालांकि जाहिर तौर पर उसके ऐसा होने के संकेत हैं. उन्होंने कहा, हमारे समाज में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसा का उद्देश्य लोगों को डराना हो सकता है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया शांतिप्रिय, खुले विचारों वाला और दरियादिल लोगों का समाज है और कोई उसे बदल नहीं सकता. इसलिए मैं ऑस्ट्रेलिया वासियों से आज आग्रह करता हूं कि वे आम दिनों की तरह ही अपना काम करें.

एबट ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को अब तक किसी विशेष तथ्य का पता नहीं चल पाया लेकिन चिंता की जो बात उभरी है कि ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जिनकी मंशा और क्षमता लोगों में आतंक पैदा करना है. आतंकवादी हमलों के लिए प्रशिक्षित सुरक्षार्मियों, अन्य अधिकारियों सहित सैकड़ों पुलिसकर्मियों को वहां भेज दिया गया है और यातायात पुलिस अधिकारी सड़कों पर नजर बनाए हुए हैं. समूचे शहर में हजारों कर्मियों को घर जल्दी भेज दिया गया और शहर की कई प्रमुख इमारतों को खाली करा लिया गया है.

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